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Shapoor Zadran : उनतालीसवें जन्मदिन से पहले थम गई जिंदगी, इस दिग्गज की मौत से क्रिकेट जगत गम में डूबा

क्रिकेट प्रेमियों के बीच मंगलवार को एक ऐसी खबर तेजी से फैलती रही, जिसने हर किसी को भावुक (Shapoor Zadran) कर दिया। अफगानिस्तान क्रिकेट से जुड़ी इस दुखद सूचना के सामने आते ही खेल जगत में शोक का माहौल बन गया। कई पुराने खिलाड़ी और प्रशंसक उस दौर को याद करने लगे, जब एक तेज गेंदबाज ने अपनी टीम को दुनिया के सामने नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

अफगानिस्तान की क्रिकेट यात्रा को करीब से देखने वाले लोग भी इस खबर पर गहरी संवेदना जताते नजर आए। चर्चा सिर्फ एक खिलाड़ी के निधन की नहीं थी, बल्कि उस चेहरे की थी जिसने संघर्ष के दिनों में टीम के साथ कदम से कदम मिलाकर इतिहास रचने में योगदान दिया। जन्मदिन से ठीक पहले उनका दुनिया छोड़ जाना हर किसी को अंदर तक झकझोर गया।

लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे Shapoor Zadran

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार 7 जुलाई को निधन हो गया। वह लंबे समय से एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी से लड़ रहे थे। उनके निधन की जानकारी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। खबर सामने आते ही क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया गया कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज पिछले कई महीनों से इलाज करा रहे थे। जनवरी से नई दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उनके भाई घमई जादरान और पूर्व कप्तान असगर अफगान भी उनके साथ भारत में मौजूद रहे। पिछले वर्ष अक्टूबर में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।

क्रिकेट बोर्ड ने जताया गहरा दुख

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने शोक संदेश में कहा कि शापूर जादरान उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने देश में क्रिकेट की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके समर्पण, जुनून और प्रतिबद्धता ने अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई। बोर्ड ने उन्हें शुरुआती दौर के उन खिलाड़ियों में गिना जिन्होंने टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया।

किस बीमारी से जूझ रहे थे

शापूर जादरान हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस यानी एचएलएच नाम की दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से पीड़ित थे। इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली असामान्य रूप से सक्रिय होकर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है।

परिवार के अनुसार गंभीर संक्रमण ने उनकी स्थिति और अधिक बिगाड़ दी थी। संक्रमण शरीर के कई हिस्सों तक फैल चुका था। उनके भाई घमई जादरान ने इस वर्ष की शुरुआत में बताया था कि संक्रमण बेहद गंभीर था और इसमें टीबी भी शामिल थी। संक्रमण दिमाग तक पहुंच गया था, जिससे इलाज और चुनौतीपूर्ण हो गया।

कुछ समय सुधार के बाद फिर बिगड़ी हालत

इलाज के दौरान उनकी सेहत में कुछ समय के लिए सुधार (Shapoor Zadran) हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई थी। वह करीब तीन सप्ताह तक अस्पताल के पास एक होटल में रहे। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। संक्रमण दोबारा बढ़ गया और उन्हें फिर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

हालत लगातार खराब होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया, जहां आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली। दुखद बात यह रही कि उनका निधन उनके 39वें जन्मदिन से सिर्फ एक दिन पहले हो गया।

विश्व कप की ऐतिहासिक जीत हमेशा रहेगी याद

शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती नायकों में गिने जाते हैं। लंबा कद, तेज रफ्तार गेंदबाजी, आक्रामक रन अप और लंबे बाल उनकी अलग पहचान थे। उनके करियर का सबसे यादगार पल 2015 के एकदिवसीय विश्व कप में आया, जब अफगानिस्तान पहली बार इस टूर्नामेंट में खेल रहा था।

स्कॉटलैंड के खिलाफ डुनेडिन में खेले गए रोमांचक मुकाबले में उन्होंने विजयी रन बनाकर अफगानिस्तान को विश्व कप इतिहास की पहली जीत दिलाई थी। जीत के बाद मैदान पर उनका जश्न आज भी अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।

शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर

क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि मैदान पर उपलब्धियों के साथ साथ शापूर जादरान युवा खिलाड़ियों और दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा बने रहे। उनका संघर्ष, साहस और खेल के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने वर्ष 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने करियर में 44 एकदिवसीय और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय (Shapoor Zadran) मुकाबले खेले। एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 43 विकेट दर्ज हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 37 विकेट हासिल किए। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2020 में खेला। इसके बाद भी घरेलू क्रिकेट जारी रखा और 2022 में अपना अंतिम प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेला। जनवरी 2025 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

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