CM Vishnu Deo Sai: श्रमवीरों के पसीने से संवर रहा समृद्ध छत्तीसगढ़, विश्वकर्मा जयंती पर CM साय ने की कई बड़ी घोषणाएं

CM Vishnu Deo Sai: शहरों में बनेंगे आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र
ई-बाइक और ई-रिक्शा सहायता राशि बढ़ाने का ऐलान, खातों में पहुंचे 51 करोड़ रुपये
रायपुर। राजधानी के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर (CM Vishnu Deo Sai) भव्य राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों और बड़े निर्माण कार्यों तक, प्रदेश की हर प्रगति में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है।
श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने महासम्मेलन में तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र: शहरों में काम की तलाश में एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त केंद्र बनाए जाएंगे, जहां बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
- ई-बाइक सहायता योजना: पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए इस नई योजना की शुरुआत की जाएगी।
- ई-रिक्शा सहायता में बढ़ोतरी: असंगठित क्षेत्र के पारंपरिक रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
51 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग (CM Vishnu Deo Sai) की 26 योजनाओं के अंतर्गत 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए 51.32 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेजी गई। साथ ही, ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ के तहत 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई, जिन्हें मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्रमिक परिवार की बेटी की पढ़ाई का जिम्मा सरकार ने उठाया
समारोह का एक प्रेरक क्षण तब आया जब जेईई परीक्षा पास कर एनआईटी सूरत में प्रवेश पाने वाली श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और सहायता राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस बेटी की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्रमिक बहनों के साथ बैठकर भोजन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मिलकर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया।



