Rajya Sabha Election : झारखंड में बदल दिया पूरा खेल, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

झारखंड की राजनीति में गुरुवार का दिन कई मायनों में अहम (Rajya Sabha Election) रहा। राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मतदान के बाद से ही क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन परिणाम आने के बाद इन अटकलों को और बल मिल गया। सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस उम्मीदवार की हार और उसके पीछे की वजहों को लेकर हो रही है।
नतीजों के बाद सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर भी असहजता साफ नजर आने लगी है। सहयोगी दलों के बीच आरोपों का दौर शुरू हो गया है और चुनाव परिणाम को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।
दो सीटों पर हुआ था मुकाबला : Rajya Sabha Election
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी ने जीत दर्ज की। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मतदान के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने नतीजों को प्रभावित किया है।
कांग्रेस ने सहयोगियों पर लगाए आरोप
परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस ने अपनी हार के लिए सहयोगी दलों को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल और भाकपा माले पर गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस का दावा है कि राजद के चार और भाकपा माले के दो विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के पक्ष में मतदान किया। इसके अलावा कांग्रेस के एक विधायक का वोट अमान्य होना भी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
क्रॉस वोटिंग बनी निर्णायक
भाजपा के दो वोट अमान्य होने के बावजूद परिमल नथवाणी को 28 वैध मत प्राप्त हुए। इससे यह संकेत मिला कि कई विधायकों ने अपेक्षित लाइन से हटकर मतदान किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही क्रॉस वोटिंग चुनाव के अंतिम परिणाम में निर्णायक कारक बन गई।
बैद्यनाथ राम ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम की जीत कई मायनों में ऐतिहासिक (Rajya Sabha Election) रही। राज्य गठन के बाद वह झारखंड से राज्यसभा पहुंचने वाले पहले दलित नेता बन गए हैं। इसके साथ ही पलामू प्रमंडल से पहली बार किसी नेता को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला है, जिसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
परिमल नथवाणी ने लगाई जीत की हैट्रिक
एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी ने लगातार तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा पहुंचने में सफलता हासिल की है। इससे पहले भी वह दो कार्यकाल तक उच्च सदन में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी इस जीत को एनडीए की बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
किसे मिले कितने वोट
बैद्यनाथ राम को 31 वैध मत मिले और उन्होंने पहली सीट पर जीत (Rajya Sabha Election) दर्ज की। परिमल नथवाणी को 28 वोट प्राप्त हुए और उन्होंने दूसरी सीट अपने नाम की। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 19 मत मिले, जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद अब राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं और समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।



