
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने (Uddhav Thackeray) आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। पिछले कुछ दिनों से जिस संभावित टूट की चर्चा चल रही थी, अब उससे जुड़े घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर राजनीतिक विश्लेषकों तक सभी की नजर इस पूरे मामले पर टिकी हुई है।
दिल्ली और मुंबई के राजनीतिक गलियारों में दिनभर इसी मुद्दे की चर्चा रही। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिन शिवसेना की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। इसी बीच छह सांसदों के एक कदम ने सियासी समीकरणों को लेकर नई अटकलों को हवा दे दी है।
लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र : Uddhav Thackeray
सूत्रों के अनुसार उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंप दिया है। इन सांसदों ने संसद में खुद को एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि पत्र में संसद के भीतर अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया गया है। इस कदम को महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अलग गुट की मांग से बढ़ी चर्चा
सांसदों द्वारा अलग पहचान की मांग किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यह कदम आगे की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनाक्रम ने शिवसेना की अंदरूनी राजनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
22 जून पर टिकी निगाहें
सूत्रों का कहना है कि 22 जून को दिल्ली में इन सभी सांसदों की मौजूदगी रहने की संभावना (Uddhav Thackeray) है। इसी दिन आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उस दिन लिए जाने वाले फैसले महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
विलय की अटकलें तेज
सूत्रों के मुताबिक बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के साथ जाने की चर्चाएं लगातार चल रही हैं। बताया जा रहा है कि 22 जून को इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
यदि ऐसा होता है तो यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना (Uddhav Thackeray) जाएगा। फिलहाल सभी की नजर आगामी दिनों में होने वाले घटनाक्रम और नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।



