Chitrakote Waterfall Bastar: ‘भारत का नियाग्रा’ चित्रकोट जलप्रपात पूरे शबाब पर, 90 फीट की गर्जना और सतरंगी इंद्रधनुष ने पर्यटकों का जीता दिल

बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Waterfall Bastar) इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। मानसून की लगातार हो रही बारिश के कारण इंद्रावती नदी पूरे उफान पर है। घोड़े की नाल (हॉर्सशू) जैसी विशाल आकृति में फैला यह जलप्रपात जब 90 फीट की ऊंचाई से प्रचंड वेग के साथ गिरता है, तो इसकी गर्जना कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है। पानी की महीन फुहारों के बीच उभरती सतरंगी इंद्रधनुष की छटा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रही है। यही अद्भुत और विहंगम दृश्य चित्रकोट को ‘भारत का नियाग्रा’ (Niagara of India) कहलाने का गौरव दिलाता है।
देशभर से उमड़ रहे सैलानी, होटलों में ‘नो रूम’ की स्थिति, Chitrakote Waterfall Bastar
मानसून के अपने चरम पर पहुंचते ही चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Waterfall Bastar) देशभर के प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन गया है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां का रुख कर रहे हैं।
सुबह से लेकर शाम तक जलप्रपात के विभिन्न व्यू-पॉइंट्स पर्यटकों से गुलजार रहते हैं। गिरते जल, उड़ती फुहारों और इंद्रधनुष के आकर्षक नजारों के बीच सेल्फी और वीडियो बनाने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है। (Chitrakote Waterfall Bastar) पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से स्थानीय पर्यटन उद्योग में भी नई रौनक लौट आई है। चित्रकोट और उसके आसपास के होटल, रिसॉर्ट, लॉज और होम-स्टे लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं और कई जगहों पर पर्यटकों को ‘नो रूम’ (No Room) के बोर्ड देखने पड़ रहे हैं।
स्थानीय कारोबार को मिली संजीवनी
चित्रकोट में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। स्थानीय व्यवसायियों, बस्तरिया हस्तशिल्प बेचने वाले कारीगरों और खान-पान से जुड़े छोटे-बड़े कारोबारियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। (Chitrakote Waterfall Bastar) पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और कारोबारियों का मानना है कि यदि बारिश का यह शानदार सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और भी अधिक इजाफा देखने को मिलेगा।
मानसून में चित्रकोट बना प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग
लगातार वर्षा के कारण चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Waterfall Bastar) का जलप्रवाह अपने चरम पर पहुंच चुका है। घोड़े की नाल जैसी इसकी विशाल आकृति, 90 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता दूधिया जल, हवा में तैरती फुहारों के बीच बनता सतरंगी इंद्रधनुष और चारों ओर बिछी हरियाली पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन रहा है। यही कारण है कि इन दिनों चित्रकोट सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मानसून पर्यटन (Monsoon Tourism) का सबसे बड़ा और आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है।



