Dhamtari Lightning Strike Tragedy : कुदरत का कहर! आकाशीय बिजली गिरने से 39 भेड़ों और एक बकरी की दर्दनाक मौत

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र से मानसून की शुरुआती बारिश के बीच एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ ग्राम डुमरपाली में तेज गरज-चमक के साथ हुई भारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से राजस्थान से आए एक चरवाहे की 39 भेड़ों और एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण गरीब चरवाहे की आजीविका का साधन छिन गया है और उसे लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में दहशत और हड़कंप का माहौल है।
रात के अंधेरे में काल बनकर गिरी बिजली
मगरलोड पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान का रहने वाला एक चरवाहा अपने सैकड़ों भेड़-बकरियों के झुंड को चराने के लिए छत्तीसगढ़ के धमतरी इलाके में आया हुआ था। बुधवार (17 जून) की रात वह मवेशियों को लेकर ग्राम डुमरपाली स्थित एक सरकारी नर्सरी (पौधशाला) के पेड़ों के नीचे ठहरा हुआ था।
रात में अचानक मौसम बदला और तेज अंधड़-गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी बीच आसमान से कड़कड़ाती हुई बिजली सीधे पेड़ों के नीचे आराम कर रहे मवेशियों के झुंड पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि 39 भेड़ों और 1 बकरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सुबह मौके पर पहुंची पुलिस, मुआवजे की मांग
रात के सन्नाटे में हुई इस खौफनाक घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को मिली, देर रात ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सुबह होते ही इस प्राकृतिक हादसे की लिखित सूचना मगरलोड थाना पुलिस और स्थानीय राजस्व विभाग (पटवारी) को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत मवेशियों का पंचनामा तैयार किया और पशु चिकित्सा विभाग को पोस्टमार्टम के लिए सूचित किया। रोते-बिलखते पीड़ित चरवाहे ने बताया कि ये भेड़-बकरियां ही उसकी संपत्ति और कमाई का एकमात्र जरिया थीं, जिनके मरने से वह पूरी तरह सड़क पर आ गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित गरीब चरवाहे को तत्काल सरकारी नियम के तहत उचित मुआवजा (RBC 6-4 के तहत) राशि प्रदान करने की मांग की है।



