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Ethanol Petrol : इथेनॉल वाले पेट्रोल पर यूट्यूबर ने उठाए सवाल, लग्जरी कार की माइलेज में भारी गिरावट का किया दावा

देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज (Ethanol Petrol) हो गई है। इस बार बहस की वजह बने हैं देश के लोकप्रिय यूट्यूबर सौरव जोशी, जिन्होंने अपनी लग्जरी कार की माइलेज को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कुछ ही दिनों में कार की औसत माइलेज में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है।

हालांकि इस पूरे मामले पर वाहन निर्माता कंपनी और केंद्र सरकार की ओर से अलग राय सामने आई है। ऐसे में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है।

सौरव जोशी ने वीडियो में दिखाया माइलेज Ethanol Petrol

अपने नए वीडियो में सौरव जोशी ने दावा किया कि उनकी मर्सिडीज बेंज एसयूवी पहले करीब 17 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही थी, लेकिन महज 48 घंटे के भीतर यह पहले 9 और फिर 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इसकी वजह इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल हो सकता है। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में किसी तकनीकी जांच रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया।

रेंज घटने पर भी जताई चिंता

वीडियो में सौरव की पत्नी अवंतिका भट्ट ने भी बताया कि पहले फुल टैंक कराने पर कार करीब 800 किलोमीटर की अनुमानित रेंज दिखाती थी, जबकि अब यह घटकर लगभग 480 किलोमीटर रह गई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समस्या बनी रही तो कार के इंजन पर भी असर पड़ सकता है।

छोटे शहरों में सर्विस को लेकर चिंता

सौरव जोशी ने कहा कि छोटे शहरों में लग्जरी कारों की सर्विस एक बड़ी चुनौती (Ethanol Petrol) होती है। यदि कोई तकनीकी खराबी आती है तो वाहन को बड़े शहर, जैसे दिल्ली, भेजना पड़ सकता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।

मर्सिडीज इंडिया ने क्या कहा

मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद बेची गई कंपनी की सभी गाड़ियां E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के अनुरूप तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं समस्या है तो उसकी वजह ईंधन में अवैध मिलावट हो सकती है, न कि केवल इथेनॉल मिश्रण।

सरकार ने दावों को बताया गलत

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल के कारण वाहन खराब हुए हैं। सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ के वाहन मालिकों के लिए क्या मतलब

छत्तीसगढ़ में भी E20 पेट्रोल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और अन्य शहरों के वाहन मालिकों के बीच भी इसे लेकर (Ethanol Petrol) चर्चा है। ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन की माइलेज अचानक कम हो जाए तो केवल इथेनॉल को जिम्मेदार मानने के बजाय वाहन की सर्विस, इंजन की स्थिति, टायर प्रेशर, ड्राइविंग स्टाइल और ईंधन की गुणवत्ता की भी जांच करानी चाहिए।

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