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Bharat Bhushan Tiwari : भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामला अब दिल्ली पहुंचेगा, जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान

भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग अब गांव की चौपाल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने (Bharat Bhushan Tiwari) की तैयारी में है। परिजनों और आंदोलन से जुड़े लोगों ने साफ कर दिया है कि जब तक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक कानूनी लड़ाई और जन आंदोलन दोनों जारी रहेंगे।

बिलौटी गांव में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान आंदोलन की आगामी रणनीति साझा की गई और 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।

जंतर मंतर पर होगा प्रदर्शन Bharat Bhushan Tiwari

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की तेरहवीं के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का फैसला लिया गया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ न्याय संघर्ष से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरना और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

जांच पर उठाए सवाल

प्रेस वार्ता में शामिल अधिवक्ताओं ने मामले की न्यायिक जांच पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है।

उन्होंने मांग की कि मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही जांच की निगरानी किसी कार्यरत न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग (Bharat Bhushan Tiwari) भी रखी गई।

18 समितियों के साथ चलेगा आंदोलन

आंदोलन के संचालन के लिए वीर शहीद भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया है। इसके तहत 18 अलग अलग समितियां बनाई गई हैं। इनमें 21 अधिवक्ताओं की एक कानूनी समिति भी शामिल है, जो मामले की पैरवी और कानूनी प्रक्रिया पर काम करेगी। आयोजकों का कहना है कि पूरा आंदोलन संविधान और कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा।

पुलिस का क्या है दावा

पुलिस के अनुसार 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। प्राथमिकी में कहा गया है कि आत्मसमर्पण के लिए कई बार चेतावनी देने के बावजूद उसने गोलीबारी जारी रखी।

पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें भरत भूषण तिवारी को गोली लगी। प्राथमिकी के अनुसार उसके एक हाथ में मोबाइल फोन और दूसरे हाथ में पिस्टल (Bharat Bhushan Tiwari) थी। पुलिस का कहना है कि उसने पिस्टल फेंकने के बाद दोबारा उठाकर पुलिस दल पर दो राउंड फायर किए, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।

मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो न्याय की मांग को देशभर में उठाया जाएगा। 17 जुलाई का प्रस्तावित कार्यक्रम इस अभियान का अगला बड़ा चरण माना जा रहा है।

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