Raipur Blast : उरला हादसे के बाद सरकार का बड़ा फैसला, फैक्ट्री पर कार्रवाई के साथ मुआवजे का ऐलान
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा (Raipur Blast) रहा। हादसे की खबर फैलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही बढ़ गई और मजदूरों के परिजनों के साथ स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे के बाद सरकार और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फैक्ट्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है, जबकि मृतक मजदूरों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी कर दी गई है। मामले की जांच अलग अलग स्तर पर शुरू हो चुकी है।
विस्फोट के बाद फैक्ट्री बंद Raipur Blast
प्रारंभिक जांच के अनुसार उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय बनाने का काम किया जाता था। मंगलवार शाम करीब छह बजे फेरो अलॉय डिवीजन में संचालित फर्नेस में लान्सिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में तेज विस्फोट हो गया। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को तत्काल बंद करा दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा पर सख्ती के दिए संकेत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही भविष्य में उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही।
प्रत्येक परिवार को 30 लाख रुपये की सहायता
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि मृतक मजदूरों के परिजनों को 30 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही घटना की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की जांच के लिए समिति बनी
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने भी आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन (Raipur Blast) किया है। समिति के संयोजक पूर्व मंत्री शिव डहरिया बनाए गए हैं। समिति पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी, घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट तैयार कर संगठन को सौंपेगी।
सरकार पर लगाए सवाल
कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक हादसों में 150 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच नहीं होने से ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा (Raipur Blast) दिया जाए और संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



