संपादकीय: पाक की फिर भारत को गीदड़भभकी

Editorial: आतंकवाद का पर्याय बन चुके पड़ौसी देश पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को जंग की गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर तो भारत के साथ कयामत तक जंग लडऩे की ख्वाहिश पहले ही सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं और वे इसकी तैयारी भी कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को गीदड़ भभकी दी है कि यदि भारत ने सिंधू जल विवाद पर अपना रूख नहीं बदला तो पाकिस्तान भारत के साथ एक और जंग लडऩे के लिए बाध्य होगा।
गौरतलब है कि आजादी के बाद जब भारत और पाकिस्तान के बीच जल बटवारा हुआ था तब तात्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दरियादिली दिखाते हुए भारत की नदियों का अधिकांश पानी पाकिस्तान को देने के लिए सिंधू जल समझौता कर लिया था।
दशकों बाद मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ हुए सिंधू जल समझौते को स्थगित कर दिया और दो टूक शब्दों में कह दिया कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। उस समय भी पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो ने खून की नदियां बहाने की धमकी दी थी किन्तु भारत अपने फैसले पर अडिग रहा।
अब इसे ही लेकर पाकिस्तानी रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने फिर एक बार भड़काऊ बयान दिया है। इसपर अभी भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन यह तय है कि इस तरह की धमकी चमकी के आगे भारत नहीं झुकेगा। रही बात पाकिस्तान के एक बार फिर भारत के साथ जंग लडऩे की ख्वाहिश की तो वह अपनी यह हसरत जब चाहे तब पूरी कर सकता है।
भारतीय सेना उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर घड़ी तैयार है। वैसे भी अभी पाकिस्तान के खिलाफ भारत का आपरेशन सिंदूर सिर्फ स्थगित हुआ है खत्म नहीं हुआ है। यदि पाकिस्तान इस तरह हेकड़ी दिखाता रहा और अपना नापाक इरादों से तौबा नहीं करेगा तो भारत आपरेशन सिंदूर पार्ट -2 शुरू करने में देर नहीं लगाएगा। पाकिस्तान जिस चीन और अमेरिका की सह पर उछल रहा है उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत के अब चीन के साथ भी बेहतर संबंध बन गये हैं और रही पाकिस्तान के नए आका अमेरिका की बात तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 समिट के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई मुलाकात के दौरान पाकिस्तान और चीन दोनों को ही यह साफ संदेश दे दिया है कि यदि कोई भी देश भारत के खिलाफ जंग लडऩे की जुर्रत करेगा तो अमेरिका भारत का साथ देगा।
वैसे तो भारत को पाकिस्तान जैसे टुच्चे देश के खिलाफ जंग लडऩे के लिए किसी भी देश के मदद की कोई दरकार नहीं है। आज की तारीख में भारत एक बड़ी सैन्य शक्ति बन चुका है और वह अकेले अपने दम पर पाकिस्तान से निपटने में पुरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के हुकमरानों चाहिए कि वे इस तरह की भड़काऊ बयानबाजी से और नापाक हरकतों से बाज आयें वरना यदि भारत ने आपरेशन सिंदूर पार्ट -2 भी शुरू कर दिया तो पाकिस्तान कहीं का नहीं रहेगा।
पाकिस्तान के इतने टुकड़े हो जाएंगे की उसकी गिनती करना भी मुश्किल हो जाएगा। रही बात सिंधू जल समझौते की तो वह अब इतिहास बन चुका है पाकिस्तान अब इस समझौते को भूल ही जाये। इस विवाद को वह पहले ही विश्व मंच पर ले जा चुका है लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। सच तो यह है कि पाकिस्तान आज पूरी दुनिया में अलग थलग पड़ चुका है जबकि भारत विश्व मंच पर एक नई ताकत बनकर उभर रहा है। पाकिस्तान मुगालते में न रहे कि उसने भारत से जंग की हिमाकत की तो कोई देश उसकी मदद के लिए आगे आएगा। यदि उसने फिर भी गुस्ताखी की तो वह बहुत पछताएगा।
