संपादकीय: पेपरलीक पर संसद में चर्चा जरूरी
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले एक माह से चल रहा आंदोलन अब राजधानी नई दिल्ली से निकलकर देश के कई राज्यों तक फैल गया है। जगह जगह छात्र संगठन इस मुद्दे को लेकर आंदोलित हो उठे हैं। सड़क से इस समस्या का समाधान नहीं होगा इसके लिए तो अब संसद में ही सार्थक चर्चा होनी निहायत जरूरी है। विपक्षी पार्टियों भी सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है किन्तु आश्चर्य की बात है कि तीन दिन गुजर गये संसद में इस पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष नियम प्रक्रिया का हवाला देकर अपनी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं जिसे देखकर तो यही लगता है कि दोनों ही पक्ष पेपरलीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए कतई गंभीर नहीं है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कहना है कि पहले शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें उसके बाद ही सदन में दस मुद्दे पर चर्चा हो। जबकि उनकी सहयोगी पार्टी जो लोकसभा में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है उस समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का कहना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा बाद में हो सकता है पहले सदन में छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर चर्चा कराई जाये।
इससे स्पष्ट है कि इंडी गठबंधन में ही पेपर लीक मामले को लेकर सदन में चर्चा कराने के मुद्दे पर मतभेद हैं। इस मामले में अखिलेश यादव का कहना सही है कि पहले सदन में चर्चा की जाये बाद में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी सदन में आवाज उठाई जाये। वैसे भी सदन में विपक्ष को पहले पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के बाद हुई पुलिस की कार्यवाही को लेकर सरकार से सवाल करना चाहिए और पेपरलीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान से जवाब मांगना चाहिए। इसलिए जरूरी है कि पहले संसद में कायम गतिरोध को तोड़ा जाये और तत्काल पेपरलीक मामले पर चर्चा कराई जाये।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्वास्थ किया है कि पेपरलीक पर जल्द ही फैसला कराने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा ताकि पेपरलीक मामले में शामिल दोषी लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो उन्होंने कहा है कि देश के युवाओं का भविष्य हमारी प्राथमिकता है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि पूरा एजुकेशन सिस्टम बदला जाएगा यह तभी संभव है जब संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।



