रायपुर में चर्चित सीजीपीएससी घोटाले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज (CGPSC Scam) हो गई है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर नए सवाल उठने लगे हैं। मामले से जुड़े घटनाक्रम पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की भी नजर बनी हुई है।
सुबह से ही एजेंसी की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा रही। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जाएगी।
पूर्व अध्यक्ष को ईडी ने किया गिरफ्तार CGPSC Scam
छत्तीसगढ़ के चर्चित सीजीपीएससी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी बड़ी कार्रवाई की है। सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी उन्हें विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि मामले में विस्तृत पूछताछ की जा सके।
जांच में कई पहलुओं की होगी पड़ताल
ईडी अब टामन सोनवानी से पूछताछ कर कथित मनी लॉन्ड्रिंग और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही और क्या किसी स्तर पर अवैध आर्थिक लेनदेन हुआ।
दो साल पहले सीबीआई ने भी की थी कार्रवाई CGPSC Scam
इससे पहले करीब दो वर्ष पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भी इसी मामले में टामन सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उस समय बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।
भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने (CGPSC Scam) आए थे। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयन दिलाने के लिए अवैध लेनदेन किया गया और इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका जताई गई है। अब ईडी की जांच से इस प्रकरण में और नए तथ्य सामने आने की संभावना है।



