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Nitin Gadkari Retirement: … तो क्या संन्यास लेने वाले है नितिन गडकरी

Nitin Gadkari Retirement: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान से राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मच गई. उन्होंने कहा कि अब वे पहले जितना काम नहीं कर सकते और समय आ गया है कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपी जाएं. नागपुर के एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि हाल-फिलहाल में सार्वजनिक कार्यों में उनकी हिस्सेदारी बहुत कम हो गई है. उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को मौका दिया जाए. खास बात यह है कि नितिन गडकरी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय कैबिनेट के फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. नितन गडकरी ने कहा, “मैं पिछले 30 सालों से लगातार सार्वजनिक जीवन में काम कर रहा हूं. इस दौरान मैंने कई उतार-चढ़ाव भी देखे, कई बार पुरस्कृत भी हुआ. लेकिन अब मैं ज्यादा काम नहीं कर सकता. मुझे लगता है कि अब नई पीढ़ी को काम करने का मौका देना चाहिए.”

 हालांकि, अब इस पर नितिन गडकरी के कार्यालय की ओर से स्पष्टीकरण आया है और बताया गया है कि उनका यह बयान लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संबंध में था. नितिन गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि गडकरी के बयान के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं. उनके कार्यालय ने स्पष्ट किया कि गडकरी लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे थे. यह उनके द्वारा बनाया गया एक संगठन है और आदिवासी इलाकों में एकल विद्यालय चलाता है. इसी संदर्भ में गडकरी ने कहा था कि वे अब इसके लिए ज्यादा काम नहीं कर पाते हैं. इस ट्रस्ट के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी लेने का मौका दिया जाना है.

 केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान बीजेपी में बड़े संगठनात्मक बदलाव के कुछ दिनों बाद आया है. पिछले हफ्ते ही पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम बनी है. खास बात तो ये है कि 65 सदस्यों वाली इस टीम में 51 नए चेहरे हैं. इसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था. 2015 में अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद इसे पार्टी के स्तर पर हुए सबसे बड़े बदलाव के रूप में दर्शाया जा रहा है.  और अब नितिन गडकरी का यह बयान आगे और बड़े बदलाव का इशारा कर रहा है.  बीजेपी संगठन में हुए इस बड़े बदलाव के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी की केंद्रीय कैबिनेट में भी फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं.

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