Mahtari Vandan : महतारी वंदन योजना के आंकड़ों पर क्यों अटक गई बात, तब स्पीकर ने मंत्री और विधायक से कह दी यह बात
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन महतारी वंदन योजना को लेकर सदन का माहौल अचानक गंभीर हो गया। योजना के लाभार्थियों की संख्या पर उठे सवालों के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस चली। बार बार एक ही सवाल और उसी जवाब के दोहराव से सदन में अलग ही स्थिति बन गई।
प्रश्नकाल के दौरान जब विधायक उमेश पटेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के बीच आंकड़ों को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं निकल सका, तब विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है आप दोनों एक दूसरे को समझा नहीं पा रहे हैं।
लाभार्थियों की संख्या पर उठे सवाल
विधायक उमेश पटेल ने मंत्री के लिखित जवाब का हवाला देते हुए कहा कि एक लाख 55 हजार 655 हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि 54 हजार 100 महिलाओं को अपात्र बताया गया है। उन्होंने पूछा कि आखिर दोनों में से सही आंकड़ा कौन सा है।
मंत्री ने यह दी सफाई
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब में कहा कि जिन हितग्राहियों की ई केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, उन्हें अपात्र की श्रेणी में रखा गया, इसलिए आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है।
पुराने आंकड़ों का हवाला देकर विधायक ने घेरा
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक उमेश पटेल ने विभाग के मई माह के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय करीब 37 हजार महिलाओं की ई केवाईसी लंबित थी। ऐसे में एक लाख से अधिक महिलाओं का आंकड़ा कैसे सामने आ गया। इस दौरान मंत्री बार बार पहले वाला जवाब दोहराती रहीं।
स्पीकर ने दिए पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश
लंबी चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने मंत्री से कहा कि विधायक को पूरी और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि दुर्भाग्य है आप दोनों एक दूसरे को समझा नहीं पा रहे हैं।
मंत्री ने लिखित जवाब में क्या बताया
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि महतारी वंदन योजना की शुरुआत में 70 लाख 27 हजार 154 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 70 लाख 9 हजार 658 पात्र महिलाओं का पंजीयन कर पहली किस्त जारी की गई। जून 2026 तक 68 लाख 54 हजार 3 पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अब तक किसी भी हितग्राही को केवल ई केवाईसी नहीं होने के कारण योजना से अपात्र नहीं किया गया है।



