नई दिल्ली/ए.। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप के संयुक्त बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारत (India has rejected OIC’s remarks) ने ओआईसी की तथाकथित टिप्पणियों को अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नही
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्ज हिस्से हैं और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार को बार-बार दोहराने से यह वास्तविकता नहीं बदल सकती।
भारत ने ओआईसी को पाकिस्तान को ऐसा मंच उपलब्ध कराने के बयान उसे अपनी स्थिति पर विचार करने की सलाह दी, जहां से वह मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाता है।
पाकिस्तान को लगाई फटकार
विदेश मंत्रालय (India has rejected OIC’s remarks) ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद को समर्थन और प्रयोजित करने का एक सुस्थापित इतिहास है। उन्होंने कहा कि ओआईसी को पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के निरंतर खतरे का समाधान करने की सलाह देनी चाहिए।
ओआईसी ने उगला था जहर
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप की एक बैठक आयोजित हुई, जहां पर इस ग्रुप ने भारत के आंतरिक मामलों पर जहर उगला था। हालांकि, ओआईसी (India has rejected OIC’s remarks) वही ग्रुप है जिसने बलूचिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी जगहों पर पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों पर एक शब्द तक नहीं कहा और चुप्पी साधे रखी और अब भारत के आंतरिक मामलों पर जहर उगलने का काम कर रहे हैं। जिसको लेकर भारत ने ओआईसी को मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान को भी आईना दिखाने का काम किया है।



