Coconut Price : नारियल और खोपरा के दाम में आई बड़ी गिरावट, किसानों से लेकर कारोबारियों तक क्यों बदले हालात
पिछले साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे नारियल तेल और खोपरा के दाम अब लगातार नीचे (Coconut Price) आ रहे हैं। बाजार में बढ़ी आवक और बदले हालात का असर किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं तीनों पर दिखाई दे रहा है। कीमतों में आई इस नरमी के बाद बाजार का समीकरण भी बदलने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार उत्पादन बढ़ने से बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है। यही वजह है कि पिछले वर्ष जैसी तेज कीमतों की स्थिति फिलहाल देखने को नहीं मिल रही है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आए दाम Coconut Price
केरल के बाजार में नारियल तेल का भाव करीब 227 रुपये प्रति किलोग्राम और खोपरा लगभग 131 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। पिछले वर्ष जुलाई में नारियल तेल 393 रुपये प्रति किलोग्राम और खोपरा 261 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। इसके मुकाबले इस बार कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
उत्पादन बढ़ने से बाजार में बढ़ी आपूर्ति
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्यों में कच्चे नारियल की आवक बढ़ने से बाजार में आपूर्ति मजबूत हुई है। अधिक उत्पादन के कारण कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों का असर भी सीमित रहा है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
किसानों और मिलों पर अलग अलग असर
कीमतों में गिरावट से जहां किसानों को बढ़ती मजदूरी और उत्पादन लागत का दबाव झेलना (Coconut Price) पड़ रहा है, वहीं मिल संचालकों को पर्याप्त मात्रा में खोपरा मिलने से प्रोसेसिंग कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। इससे कच्चे माल की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
मांग और निर्यात में सुस्ती भी बनी वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे माल की कीमत घटने के बावजूद खुदरा बाजार में मांग अपेक्षा के अनुरूप (Coconut Price) नहीं बढ़ी है। वहीं पश्चिम एशिया में तनाव के कारण मूल्यवर्धित नारियल उत्पादों के निर्यात में भी सुस्ती आई है।
अधिक माल घरेलू बाजार में आने से नारियल तेल और खोपरा की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। साथ ही कई उपभोक्ता अब भी सूरजमुखी, सोयाबीन और अन्य खाद्य तेलों का उपयोग जारी रखे हुए हैं।



