संपादकीय: ट्रंप ने बढ़ाई पाकिस्तान की टेंशन

Editorial: जी सेवन समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शान में कसीदे पढ़कर पड़ौसी देश पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी है। पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका तो उस समय लगा जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान उसे बुलाया ही नहीं गया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनका फेल्ड मार्शल असीम मुनीर सूट बूट डाटकर फ्रांस जाने की तैयारी कर चुके थे।
हवाई जहाज भी उड़ान भरने के लिए तैयार था लेकिन पाकिस्तान को बुलाया ही नहीं गया। शाहबाज शरीफ और असीम मुनीर पाकिस्तान की इस घोर बेइज्जती के बाद अपना सा मुंह लेकर रह गए। उन्होंने सोचा था कि इस डील के फाइनल होने का थोड़ा बहुत क्रेडिट उन्हें मिलेगा और इसके बदले में पाकिस्तान अमेरिका और ईरान दोनों से ही खैरात के रुप में छोटी मोटी रकम वसूल कर लेगा लेकिन दोनों ने ही गधे को घास नहीं डाली।
उपर से डोनाल्ड ट्रंप (Trump Heightens Pakistan’s Anxiety) ने भारतीय पीएम मोदी को फरिश्ता बताते हुए जी सेवन समिट में मुलाकात के दौरान यह एलान कर दिया कि यदि किसी भी देश ने भारत से जंग की हिमाकत की तो अमेरिका भारत का साथ देगा।
यह सीधे पाकिस्तान को चेतावनी है जो भारत से एक और जंग के लिए मरा जा रहा है। कुल मिलाकर एक बार फिर पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप (Trump Heightens Pakistan’s Anxiety) ने भारतीय पीएम की तारीफ करने के साथ ही भारत और अमेरिका के बीच और बेहतर संबंध बनाने की बात कर पाकिस्तान के जले पर नमक मल दिया। अब पाकिस्तान की स्थिति धोबी के उस कुत्ते की तरह हो गई है जो घर का रहा न घाट का।



