छत्तीसगढ़

पुलिस स्मृति दिवस: शहीद जवानों के बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का किया सम्मान, डीजीपी ने बताया, एक वर्ष में 84 नक्सली मारे गए और छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवान शहीद हुए

रायपुर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में अब शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बन रहा है। इस बदलाव के पीछे उन वीर जवानों का त्याग है, जिन्होंने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को राजधानी के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को याद करने का अवसर है। पुलिस और सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों का सामना करते हुए भारतीय पुलिस के 10 जवान शहीद हुए थे। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन जवानों के आदर्शों और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी अवसर है।

बस्तर में भय की जगह विकास का वातावरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना अभियान चलाए। उनके बलिदान को प्रदेश सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र तथा राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शांति को स्थायी बनाना और विकास की गति तेज करना सरकार की प्राथमिकता है।

शहीद परिवारों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जवान के देश की सुरक्षा में तैनात रहने के पीछे उसके परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी शामिल होता है। शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से सशक्त बनाने, बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कानून का शासन, नागरिकों की सुरक्षा और जनता का विश्वास सरकार की प्राथमिकता है।

एक वर्ष में 84 नक्सली मारे गए, छह पुलिस जवान शहीद

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की चुनौती से जूझता रहा है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने बताया कि एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

डीजीपी ने कहा कि शहीद जवानों के परिवार छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं। पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों से अमर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनसुरक्षा, कानून के शासन और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करने का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री ने शहीदों के योगदान को किया नमन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस का परिचय दिया है। अब जवान प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका भी पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ और शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

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