Patwari Suspension : राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन पटवारी निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
राजनांदगांव जिले में राजस्व अभिलेखों में सामने आई गंभीर अनियमितता के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख (Patwari Suspension) अपनाया है। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है। इस फैसले को लेकर राजस्व विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अभिलेखों में किसी भी प्रकार की अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। इसी क्रम में विभागीय जांच के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
तत्कालीन पटवारी को किया गया निलंबित Patwari Suspension
राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने विकासखंड राजनांदगांव के ग्राम पेंड्री स्थित खसरा क्रमांक 368 के राजस्व अभिलेखों में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर तत्कालीन हल्का पटवारी विनोद कुमार मेश्राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन हल्का पटवारी विनोद कुमार मेश्राम और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक लेखराम साहू ने खसरा क्रमांक 368 के अधिकार अभिलेख में वास्तविक रकबे से अधिक भूमि दर्ज कर दी थी। बताया गया कि अतिरिक्त भूमि को भूमि अर्जन के बाद शेष दर्शाते हुए उसी आधार पर तत्कालीन तहसीलदार के समक्ष भूमि अर्जन का प्रकरण प्रस्तुत किया गया था।
भूमि का हुआ था आगे विक्रय
जांच में यह भी सामने आया कि अभिलेख में शेष दिखाई गई भूमि को बाद में मूल भूमिस्वामी ने विक्रय (Patwari Suspension) कर दिया। इसके बाद विभिन्न अंतरणों के माध्यम से वह भूमि वर्तमान में किसी अन्य व्यक्ति के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। प्रशासन का कहना है कि गलत रकबा दर्ज किए जाने के कारण आगे की पूरी राजस्व प्रक्रिया प्रभावित हुई।
विभागीय जांच के दिए गए निर्देश
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के तहत तत्कालीन पटवारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



