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Onion Price : प्याज किसानों को केंद्र की बड़ी सौगात, खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, अब मिलेगा पहले से ज्यादा दाम

प्याज की कीमत और सरकारी खरीद को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर (Onion Price) आई है। खरीफ सीजन के बीच केंद्र सरकार ने सरकारी खरीद दर बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नई दर लागू होने के साथ ही खरीद प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि मूल्य स्थिरीकरण के लिए बनाए जा रहे बफर स्टॉक को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे समय में जब बाजार में कीमतों को लेकर उतार चढ़ाव की आशंका बनी हुई है, यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार ने बढ़ाया प्याज का खरीद मूल्य Onion Price

केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए प्याज के सरकारी खरीद मूल्य में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब किसानों से प्याज की खरीद 1,875 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 2,125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

नई खरीद दर 4 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। सरकार राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ के माध्यम से किसानों से प्याज की खरीद कर रही है।

उत्पादन पिछले साल के बराबर रहने का अनुमान

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश में प्याज का उत्पादन लगभग 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने की संभावना है।

पिछले वर्ष उत्पादन 307.67 लाख मीट्रिक (Onion Price) टन रहा था। यानी इस बार भी उत्पादन लगभग समान रहने का अनुमान है, जिससे देश में उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चिंता नहीं जताई जा रही है।

तीन राज्यों में पर्याप्त भंडार मौजूद

सरकारी जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में प्याज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अच्छी गुणवत्ता का प्याज भी भंडारण में मौजूद है, जिसे आवश्यकता के अनुसार बाजार में उतारा जा सकता है।

देशभर की मंडियों में प्रतिदिन 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक प्याज की आवक हो रही है। अकेले महाराष्ट्र में रोजाना 30 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा प्याज मंडियों में पहुंच रहा है।

बाजार में सट्टेबाजी पर भी नजर

मानसून की देरी और कुछ इलाकों में कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सट्टेबाजी के आधार पर प्याज की खरीद देखी जा रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में मांग सामान्य बनी हुई है और यह खरीद भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद के आधार पर की जा रही है।

निर्यात जारी, लेकिन रफ्तार पड़ सकती है धीमी

जून 2026 के दौरान भारत से करीब 1.50 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात किया (Onion Price ) गया। हालांकि आने वाले समय में निर्यात की गति कुछ धीमी पड़ सकती है।

इसकी वजह पाकिस्तान और चीन की नई फसल का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होना बताया जा रहा है। वहीं महाराष्ट्र में खरीफ प्याज की बुवाई करीब 15 दिन देरी से शुरू हुई है, जबकि कर्नाटक के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बुवाई सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंची है।

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