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HFCL Share : छह महीने में 250 प्रतिशत से ज्यादा उछला यह शेयर, मुकेश अंबानी की कंपनी का भी है बड़ा निवेश

शेयर बाजार में एक बार फिर एक ऐसे शेयर ने निवेशकों का ध्यान खींचा है जिसने बेहद कम समय में जोरदार रिटर्न (HFCL Share) दिया है। महज छह महीनों में इस शेयर ने 250 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की है।

खास बात यह है कि इस कंपनी में रिलायंस समूह की भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है। इसी बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर भी बाजार में हलचल तेज है। ऐसे में इस कंपनी को लेकर निवेशकों की नजरें और मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।

छह महीने में 250 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी HFCL Share

एचएफसीएल के शेयरों में गुरुवार को 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा और शेयर 215.35 रुपये पर पहुंच गया। पिछले छह महीनों में इस शेयर ने करीब 250.11 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जिससे यह बाजार के चर्चित मल्टीबैगर शेयरों में शामिल हो गया है।

हालांकि बीएसई और एनएसई ने इस शेयर को दीर्घकालिक अतिरिक्त निगरानी उपाय यानी एएसएम ढांचे में रखा है। इसका उद्देश्य निवेशकों को शेयर में अधिक उतार चढ़ाव के प्रति सतर्क करना है।

रिलायंस समूह की है हिस्सेदारी

31 मार्च 2026 तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार रिलायंस वेंचर्स लिमिटेड के पास कंपनी की 1.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि रिलायंस स्ट्रेटेजिक बिजनेस वेंचर्स लिमिटेड के पास 3.17 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस तरह रिलायंस समूह की कुल हिस्सेदारी लगभग 4.65 प्रतिशत है।

जियो आईपीओ से बढ़ी बाजार की नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहयोगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम की प्रक्रिया शुरू करते हुए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल (HFCL Share) किया है। प्रस्तावित आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी की ओर से किसी मौजूदा निवेशक द्वारा ऑफर फॉर सेल नहीं लाया जाएगा।

दूरसंचार और रक्षा क्षेत्र में सक्रिय कंपनी

एचएफसीएल ऑप्टिकल फाइबर, केबल, दूरसंचार नेटवर्किंग उत्पाद और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के उत्पादों में हाई फाइबर केबल, राउटर, वाई फाई समाधान, डेटा सेंटर उपकरण और रक्षा क्षेत्र के कई इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल हैं।

निवेश से पहले रखें सावधानी

शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी शेयर में हालिया तेजी के आधार पर निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य का आकलन जरूर (HFCL Share) करना चाहिए।

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