रायपुर की कंपनी से 80 लाख रुपये की साइबर ठगी

रायपुर। राजधानी में एक कंपनी के निदेशक की पहचान और प्रोफाइल फोटो का कथित दुरुपयोग कर 80 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सअप के जरिए कंपनी के अकाउंटेंट को भुगतान संबंधी संदेश भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, कमल विहार निवासी विजय राठी, राठी बंधु कमर्शियल प्रा. लि. के निदेशक हैं। उनका कार्यालय देवपुरी में राठीस बिल्ड मार्ट के पास स्थित है। 19 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:23 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से विजय राठी के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए कंपनी के अकाउंटेंट लेखराम चक्रधारी को वाट्सअप संदेश भेजा गया। इसमें कंपनी के बैंक खाते की जानकारी लेने के बाद भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
शिकायत के मुताबिक, संदेश में बैंक ऑफ इंडिया के एमआई क्लाथिंग नामक खाते का विवरण भेजा गया। इसके आधार पर 19 अक्टूबर को कंपनी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से 80 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए गए।
इसके बाद 21 अक्टूबर को इसी तरह 13 लाख रुपये के भुगतान का एक और संदेश आया। इस बार फेडरल बैंक के एसएस गोल्ड नामक खाते का विवरण दिया गया। कंपनी ने इस खाते में भी 13 लाख रुपये ट्रांसफर किए। हालांकि, बाद में बैंक से संपर्क करने और आवश्यक कार्रवाई के बाद यह 13 लाख रुपये का लेन-देन रिवर्स हो गया और रकम कंपनी के खाते में वापस आ गई।
कंपनी की शिकायत है कि 80 लाख रुपये की राशि का नुकसान हुआ है। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 0984/2026 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक खातों, वाट्सअप संदेशों और लेन-देन के दस्तावेजों के आधार पर जांच कर रही है।



