CG Urban Development: छत्तीसगढ़ के शहरों की बदलेगी सूरत, 1 लाख करोड़ के फंड से विकास की नई उम्मीद

CG Urban Development: सड़क, पानी, बिजली और जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की तैयारी, शहरों को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र की बड़ी पहल
-मुख्यमंत्री साय ने बताया कैसे बदलेगी शहरों की तस्वीर, हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय से दो समझौते; अब बेहतर प्रोजेक्ट बनाकर फंड हासिल करने की चुनौती
रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ के शहरों में टूटी सड़कें, बारिश में जलभराव, अव्यवस्थित बिजली के तार और पेयजल जैसी समस्याओं (CG Urban Development) के स्थायी समाधान की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। केंद्र सरकार के 1 लाख करोड़ रुपए के अर्बन चैलेंज फंड से प्रदेश के शहरों के सुनियोजित विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। लेकिन सवाल यह है कि शहरों को इस फंड का लाभ कैसे मिलेगा और इसके लिए सरकार क्या तैयारी कर रही है? इसी को लेकर नवा रायपुर में आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगरीय निकायों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान दो महत्वपूर्ण समझौते भी किए गए, जिनसे शहरों को तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय प्रबंधन में सहयोग मिलेगा। हालांकि 1 लाख करोड़ रुपए का यह फंड पूरे देश के लिए है। इसमें छत्तीसगढ़ को कितनी राशि मिलेगी, यह परियोजनाओं की गुणवत्ता, पात्रता और स्वीकृति पर निर्भर करेगा।
कैसे मिलेगा शहरों को फंड, सरकार ने तैयार किया रास्ता
नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो (CG Urban Development) पर आयोजित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। नगरीय निकायों को ऐसी परियोजनाएं तैयार करनी होंगी, जो तकनीकी रूप से मजबूत, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और नागरिकों के लिए उपयोगी हों। इसके लिए हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौतों से परियोजनाएं तैयार करने, वित्तीय संसाधन जुटाने और अधिकारियों को प्रशिक्षण देने में सहायता मिलेगी।
क्यों जरूरी है नई व्यवस्था, मुख्यमंत्री ने गिनाईं समस्याएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों का विकास केवल आज की जरूरतों के हिसाब से नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने बारिश के दौरान जलभराव, अव्यवस्थित बिजली के तार, पेयजल, सड़क और स्वच्छता जैसी समस्याओं का उल्लेख किया। विशेष रूप से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करने और जहां संभव हो बिजली तथा अन्य सेवाओं के तार भूमिगत करने की परियोजनाएं बनाने के निर्देश दिए।
1 लाख करोड़ में छत्तीसगढ़ को कितना मिलेगा?
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड (CG Urban Development) के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। प्रदेश के नगरीय निकायों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बेहतर और व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी परियोजना की सफलता केवल निर्माण पूरा होने से नहीं, बल्कि उसके संचालन, रखरखाव और आम जनता को मिलने वाले लाभ से तय होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने शहरों के विकास के लिए सरकारी सहायता के साथ बैंक वित्तपोषण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के विकल्प अपनाने पर भी जोर दिया।
ऐसे बदल सकती है शहरों की तस्वीर
- जलभराव से राहत : आधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था पर जोर।
- बेहतर सड़कें : आवागमन और परिवहन सुविधाओं का विस्तार।
- बिजली व्यवस्था : अव्यवस्थित तारों को भूमिगत करने की संभावना।
- पेयजल आपूर्ति : बढ़ती आबादी की जरूरतों के अनुसार योजना।
- स्वच्छ शहर : आधुनिक कचरा प्रबंधन और सफाई सुविधाएं।
दो समझौते, विकास की नई तैयारी
हुडको : वित्तीय संसाधन जुटाने, परियोजनाओं की योजना और वित्तीय प्रबंधन में सहयोग।
सेप्ट विश्वविद्यालय : आधुनिक शहरी नियोजन, तकनीकी मार्गदर्शन और अधिकारियों के प्रशिक्षण में सहायता।
शहरों की बदलेगी तस्वीर, विकास के लिए 5 बड़े कदम
- एक लाख करोड़ का फंड: केंद्र के अर्बन चैलेंज फंड से शहरों को विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता पाने का अवसर।
- दो बड़े समझौते: हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय से वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञता और परियोजना निर्माण में सहयोग।
- 14 नगर निगमों की भागीदारी: प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौर विकास की क्षेत्रीय कार्यशाला में शामिल हुए।
- बुनियादी सुविधाओं पर जोर: सड़क, पेयजल, बिजली, जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी।
- निजी निवेश से विकास: बैंक वित्तपोषण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी से शहरों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर जोर।



