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Microsoft Job : करोड़ों की नौकरी छोड़ने के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने बदल दी सफलता की पूरी सोच

करोड़ों की नौकरी छोड़कर अपनी राह चुनने की कहानियां अक्सर लोगों को प्रेरित (Microsoft Job) करती हैं। इन दिनों भी एक ऐसे युवक की कहानी खूब चर्चा में है, जिसने कम उम्र में बड़ा फैसला लिया, लेकिन आगे का सफर वैसा नहीं निकला जैसा उसने सोचा था। इस अनुभव को लेकर लोग अपने अपने नजरिए से बात कर रहे हैं।

नौकरी छोड़ने के फैसले से लेकर संघर्ष और फिर खुद को दोबारा संभालने तक की यह कहानी कई युवाओं को सोचने पर मजबूर कर रही है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि ऊंची सैलरी छोड़ने के बाद असली चुनौती शुरू हुई और उसी ने जिंदगी का सबसे बड़ा सबक भी दिया।

26 साल की उम्र में लिया बड़ा फैसला Microsoft Job

क्रिस ने बताया कि उन्होंने 26 साल की उम्र में माइक्रोसॉफ्ट की करीब दो लाख डॉलर सालाना यानी लगभग 1.7 करोड़ रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी। उस समय उन्हें पूरा भरोसा था कि वह अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे और सफल उद्यमी बनेंगे।

लेकिन कुछ वर्षों बाद उन्हें महसूस हुआ कि नौकरी छोड़ना जितना कठिन लगा था, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल उसके बाद का सफर था। कंपनी की पहचान खत्म होने के बाद उन्हें खुद पर भरोसा बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया जाकर भी आसान नहीं रहा सफर

नौकरी छोड़ने के बाद क्रिस ऑस्ट्रेलिया चले गए। वहां उनके पास न कोई नौकरी थी और न ही तैयार कारोबार की योजना। उनके पास सिर्फ पांच महीने का समय था कि कुछ नया कर सकें, नहीं तो वापस लौटना पड़ता।

उन्होंने बताया कि शुरुआती समय में योजना बनाने में काफी वक्त निकल गया। जैसे जैसे समय कम होता गया, उन्होंने तेजी से काम शुरू किया। आखिरकार उन्हें अपनी पहली कमाई मिली, जिसने आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।

दबाव में मिली सबसे बड़ी सीख

क्रिस के मुताबिक इस पूरे अनुभव ने उन्हें अपनी एक कमजोरी (Microsoft Job) भी समझाई। उन्होंने महसूस किया कि जब तक उन पर दबाव नहीं होता, तब तक वह कोई बड़ा कदम नहीं उठाते। मुश्किल हालात में ही उन्होंने सबसे बेहतर तरीके से काम करना सीखा।

सफलता का मतलब भी बदल गया

उन्होंने अपने जीवन का एक और अनुभव साझा किया। हाफ आयरनमैन ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के दौरान वह पहले से चोटिल थे। तैराकी और साइक्लिंग पूरी करने के बाद उन्होंने दौड़ शुरू करने के बजाय वहीं रुकने का फैसला किया।

उनका कहना है कि अगर वह किसी भी कीमत पर दौड़ पूरी करने की कोशिश करते तो लंबे समय तक खेल से दूर हो सकते थे। उसी दिन उन्हें समझ आया कि हर बार आखिरी तक दौड़ना ही सफलता नहीं होती। कई बार सही समय पर रुक जाना भी समझदारी और सफलता का हिस्सा होता है।

स्टार्टअप का सपना बदला, नई राह चुनी

क्रिस ने माना कि जिस स्टार्टअप के सपने के साथ उन्होंने नौकरी (Microsoft Job) छोड़ी थी, वह पूरा नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी। अब वह अपनी रचनात्मक क्षमता के आधार पर अलग अलग ब्रांड्स के लिए वीडियो तैयार कर रहे हैं और धीरे धीरे अपना कारोबार आगे बढ़ा रहे हैं।

उनका कहना है कि हर फैसला उम्मीद के मुताबिक नतीजा नहीं देता, लेकिन हर अनुभव इंसान को कुछ नया जरूर सिखा जाता है। यही सीख उनके आगे के सफर की सबसे बड़ी पूंजी बनी।

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