उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां तेज (UP Elections) हो चुकी हैं। सत्ता बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ भारतीय जनता पार्टी ने अभी से संगठन और चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी का पूरा फोकस उन सीटों पर है, जहां पिछली बार जीत नहीं मिल सकी थी।
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के नए चुनावी अभियान को लेकर हो रही है। पार्टी का दावा है कि संगठन से लेकर सरकार तक हर स्तर पर ऐसी तैयारी की जा रही है, जिससे 2027 में एक बार फिर स्पष्ट बहुमत हासिल किया जा सके।
क्या है सत्तावन कमल का मिशन UP Elections
भाजपा ने अपने विशेष अभियान को सत्तावन कमल मिशन नाम दिया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में गंवाई गई 57 सीटों पर दोबारा जीत हासिल करना है। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2022 में यह संख्या घटकर 255 रह गई थी। अब पार्टी इन्हीं 57 सीटों को फिर से अपने पक्ष में लाने के लिए अलग रणनीति पर काम कर रही है।
कमजोर क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
पार्टी की समीक्षा में ऐसे कई जिले सामने आए, जहां विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनावों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं हो सका। इसके बाद अयोध्या, आजमगढ़, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडलों को विशेष फोकस क्षेत्र बनाया गया है। इन इलाकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों पर काम करने की योजना तैयार की जा रही है।
हारी सीटों पर नियुक्त होंगे प्रभारी
भाजपा संगठन हारी हुई प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए अलग प्रभारी नियुक्त करने की तैयारी कर रहा है। ये प्रभारी क्षेत्र में जाकर जिला, मंडल और बूथ स्तर की स्थिति का आकलन करेंगे। स्थानीय समस्याओं, सामाजिक समीकरण और मतदान के पैटर्न का फीडबैक लेकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ नेताओं का लगातार क्षेत्रीय दौरा भी कराया जाएगा।
संगठन और सरकार दोनों सक्रिय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश का दौरा कर (UP Elections) रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी उत्तर प्रदेश की तैयारियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी संगठनात्मक दौरा प्रस्तावित है, जिसमें आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जातीय समीकरण पर भी नजर
लोकसभा चुनाव 2024 के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद भाजपा सामाजिक समीकरणों पर भी नए सिरे से काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि पिछड़े वर्ग और अन्य सामाजिक समूहों तक बेहतर पहुंच बनाकर चुनावी स्थिति मजबूत की जा सकती है। इसी रणनीति के तहत संगठन में बदलाव, मंत्रिमंडल विस्तार और विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने जैसे कदम उठाए गए हैं।
लगातार तीसरी जीत का लक्ष्य
भाजपा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाना है। इसके लिए संगठनात्मक मजबूती, बूथ प्रबंधन, सामाजिक संतुलन और स्थानीय मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में पार्टी का पूरा अभियान हारी हुई सीटों को वापस जीतने और प्रदेशभर में जनसंपर्क बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।



