छत्तीसगढ़

Bastar Pandum Cafe: बस्तर में पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बना ‘पण्डुम कैफे’, केंद्रीय सहकारिता सचिव ने की सराहना

-राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं से किया संवाद, आजीविका के प्रयासों को सराहा

जगदलपुर/नवप्रदेश। बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं द्वारा संचालित ‘पण्डुम कैफे’ (Bastar Pandum Cafe) पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे का भ्रमण कर युवाओं के प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे (Bastar Pandum Cafe) की अवधारणा, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा प्रभावित और मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन एवं आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अधिकारियों ने कैफे (Bastar Pandum Cafe) की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजे परिसर और आत्मीय आतिथ्य की प्रशंसा की। साथ ही कैफे संचालित कर रहे युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए इसे सामाजिक बदलाव और स्वरोजगार की प्रेरणादायक पहल बताया।

Hemant Dhote

लेखक: हेमन्त धोटे छत्तीसगढ़ के एक सक्रिय पत्रकार और प्रिंट मीडिया से जुड़े व्यक्ति हैं, जो मुख्य रूप से रायपुर से संचालित होने वाले प्रतिष्ठित दैनिक हिंदी समाचार पत्र 'दैनिक नव प्रदेश' (Nav Pradesh) में निरंतर वरिष्ठ प्रबंधन/प्रतिनिधि मंडल एवं रायपुर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं और अखबार के विभिन्न आयोजनों व गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। श्री हेमन्त धोटे ने रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM) से (बी.जे.एम.सी और एम.ए.एम.सी) की पढ़ाई की है।

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