Ram Mandir : राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर हुआ बड़ा बदलाव, अब इस नई व्यवस्था के तहत होगी पूरी प्रक्रिया
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ा एक और अहम फैसला सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों के बीच इसकी चर्चा तेज (Ram Mandir) हो गई है। हाल के घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन व्यवस्थाओं को और सख्त बनाने में जुटा है, ताकि चढ़ावे से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रह सके।
इसी कड़ी में अब चढ़ावे की गिनती के समय में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया तय समय के भीतर ही पूरी की जाएगी। इसे हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले के बाद उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब एक ही शिफ्ट में गिना जाएगा चढ़ावा Ram Mandir
नई व्यवस्था के अनुसार अब राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती केवल एक ही शिफ्ट में होगी। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित समय में ही चढ़ावे की गणना की जाएगी। इससे पहले यह प्रक्रिया अलग अलग समय में भी संचालित होती थी। मंदिर प्रशासन का मानना है कि तय समय में पूरी प्रक्रिया होने से निगरानी और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा सकेगा।
पूर्व सैनिकों को बोलने से किया गया था मना
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पूर्व सैनिकों को किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। बताया गया कि एक व्हाट्सएप समूह में संदेश भेजकर कहा गया था कि यदि कोई इस मामले में सवाल पूछे तो कोई भी कर्मचारी प्रतिक्रिया न दे। बाद में इस समूह का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर सामने आया।
चोरी की रकम को शेयर बाजार में लगाने का आरोप
सूत्रों के अनुसार मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर चोरी की रकम को अलग अलग लोगों के खातों के माध्यम से अपने खातों में पहुंचाने (Ram Mandir) का आरोप है। दावा किया गया है कि इसके बाद इस धनराशि का उपयोग शेयर बाजार में निवेश के लिए किया जाता था, ताकि पैसों के स्रोत को छिपाया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं।
जून में सामने आया था मामला
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला जून 2026 में सामने आया था। आरोप था कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे की राशि में हेराफेरी की गई। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। घटनाक्रम के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था, जिसे बाद में ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया।



