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Rajya Sabha : राज्यसभा की तस्वीर बदली, निर्विरोध जीत के बाद किस गठबंधन को मिला सबसे बड़ा फायदा

राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर (Rajya Sabha) दिया है। कई राज्यों में उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अब संसद के उच्च सदन का संख्या संतुलन चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक दलों की नजर केवल सीटों पर नहीं, बल्कि आने वाले समय में विधायी ताकत पर भी टिकी हुई है।

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि किस गठबंधन को सबसे बड़ा लाभ मिला और उच्च सदन में अब शक्ति संतुलन किस दिशा में बढ़ा है। कई राज्यों में मुकाबले की नौबत ही नहीं आई और उम्मीदवार सीधे निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

24 सीटों पर निर्विरोध चुने गए उम्मीदवार : Rajya Sabha

राज्यसभा की 27 सीटों में से 24 सीटों का फैसला निर्विरोध हो गया है। इन सीटों पर उम्मीदवारों के खिलाफ कोई प्रभावी चुनौती नहीं होने के कारण उन्हें सीधे निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इन निर्वाचित उम्मीदवारों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा सहित विभिन्न दलों के कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं।

सबसे ज्यादा फायदा एनडीए को

24 सीटों में से 19 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खाते में गई हैं। वहीं पांच सीटों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इन परिणामों के बाद राज्यसभा में एनडीए की ताकत और मजबूत हुई है, जिससे उच्च सदन में उसकी राजनीतिक स्थिति को बल मिला है।

गुजरात और आंध्र प्रदेश में रहा दबदबा

गुजरात की चारों सीटों पर सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं आंध्र प्रदेश की चार सीटों पर गठबंधन समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल (Rajya Sabha) की। इन परिणामों ने गठबंधन की कुल संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राजस्थान में दोनों प्रमुख दलों को सफलता

राजस्थान की तीन सीटों में दो सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार और एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। यहां मुकाबले की स्थिति नहीं बनने के कारण चुनाव प्रक्रिया बिना मतदान के पूरी हो गई।

कई राज्यों में एक एक सीट का हुआ फैसला

मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र की सीटों पर भी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इन राज्यों में भी नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी।

अभी तीन सीटों पर बाकी है मुकाबला

झारखंड की दो सीटों और मिजोरम की एक सीट पर अभी चुनाव होना बाकी है। इन तीनों सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। झारखंड में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि मिजोरम की एक सीट पर दो उम्मीदवार आमने सामने हैं।

उच्च सदन का बदलेगा गणित

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन परिणामों के बाद राज्यसभा में संख्या संतुलन पहले की तुलना में और स्पष्ट हो जाएगा। आगामी विधायी कार्यों और महत्वपूर्ण प्रस्तावों के दौरान इसका असर देखने को मिल (Rajya Sabha) सकता है। अब सभी की नजर 18 जून को होने वाले शेष चुनावों और उनके परिणामों पर टिकी हुई है।

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