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Skill Development : आदिवासी और ग्रामीण युवाओं के लिए बनेगा नया मॉडल, प्रशिक्षण के साथ नौकरी पर सरकार का बड़ा फोकस

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश (Skill Development) दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यो का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा।

बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न टेªडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया (Skill Development) जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है।

इनी क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया (Skill Development) जा रहा है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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