छत्तीसगढ़

Rail Infrastructure: रायपुर मंडल के 13 स्टेशनों पर 226 करोड की इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग परियोजना मंजूर

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर (Rail Infrastructure) को आधुनिक बनाने की दिशा में भारतीय रेल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल को बड़ी सौगात दी है। दुर्ग-ताडोकी रेलखंड के 13 स्टेशनों पर 226 करोड रुपये की लागत से इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग (Electronic Interlocking) प्रणाली स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत मौजूदा पैनल इंटरलाकिंग प्रणाली को अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग से बदला जाएगा, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय होगा।

13 स्टेशनों पर बदलेगी व्यवस्था

Rail Infrastructure परियोजना के तहत मारौदा, रिसमा, गुंडरदेही, लाटाबोर, बालोद, कुसुमकासा, दल्लीराजहरा, गुदुम, भानुप्रतापपुर, केवटी, अंतागढ़, ताडोकी और रायपुर स्टोर डिपो (आरएसडी) में इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे पूरे दुर्ग-ताडोकी खंड की सिग्नलिंग व्यवस्था आधुनिक तकनीक से लैस हो जाएगी।

स्वचालित होगी सिग्नलिंग प्रणाली

इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग (Electronic Interlocking) आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक है, जिसमें रूट सेटिंग और सिग्नल संचालन स्वचालित तरीके से होता है। यह प्रणाली मानवीय त्रुटियों की संभावना कम करती है और सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाती है। साथ ही किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में व्यवस्था को कम समय में सामान्य करने में भी मदद मिलेगी।

ट्रेनों की समयबद्धता में होगा सुधार

Rail Infrastructure परियोजना के लागू होने से सिग्नलिंग फेल होने की घटनाएं कम होंगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा। इससे समयबद्धता में सुधार के साथ यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता भी बढ़ेगी। रेलवे का मानना है कि भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा

भारतीय रेल देशभर में सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में रायपुर मंडल की यह परियोजना मंजूर की गई है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से रेलवे सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक दक्ष परिचालन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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