Official Email ID: अधिकारियों से लेकर पार्षदों तक की बनेगी आधिकारिक ई-मेल आइडी
नगरीय निकायों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए अधिकारियों से लेकर पार्षदों तक की आधिकारिक ई-मेल आइडी बनाई जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में सभी निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शासकीय पत्राचार अधिकृत ई-मेल आइडी के माध्यम से ही किया जाएगा। इससे दस्तावेजों का सुरक्षित आदान-प्रदान, डिजिटल रिकार्ड का संरक्षण और व्यक्तिगत ई-मेल पर निर्भरता कम होगी।
विभाग के आदेश में कहा गया है कि मंत्रालय के सभी विभागों में ई-आफिस व्यवस्था लागू हो चुकी है। विभागाध्यक्ष कार्यालयों और जिला स्तरीय कार्यालयों में भी ई-आफिस के माध्यम से कामकाज किया जा रहा है। इसी क्रम में नगरीय निकायों के कार्यालय प्रमुखों और अधीनस्थ कर्मचारियों को भी ई-आफिस से जोड़ा जाएगा। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने आधिकारिक ई-मेल आइडी से ही शासकीय पत्राचार करेंगे। इससे विभागों के बीच संवाद तेज होगा, अभिलेखों का सुरक्षित डिजिटल रिकार्ड तैयार होगा और सूचना के आदान-प्रदान में पारदर्शिता आएगी।
ई-मेल के उपयोग का मिलेगा प्रशिक्षण
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को आधिकारिक ई-मेल के प्रभावी उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि डिजिटल माध्यम से होने वाले शासकीय कार्य सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकें।
इनके लिए बनेगी आधिकारिक ई-मेल आइडी
नगर निगम: महापौर, सभापति, पार्षद (जिनके लिए शासकीय मेल आवश्यक होगा), निगम आयुक्त तथा अन्य कर्मचारी।
नगर पालिका: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद (जिनके लिए शासकीय मेल आवश्यक होगा), मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अन्य कर्मचारी।
नगर पंचायत: अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षद (जिनके लिए शासकीय मेल आवश्यक होगा)।



