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Paper Leak : पेपर लीक पर बढ़ा बवाल, जंतर मंतर की हलचल के बीच प्रधानमंत्री का बड़ा फैसला

दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन ने एक बार फिर माहौल गरमा (Paper Leak) दिया है। सुबह से ही प्रदर्शन स्थल के आसपास हलचल तेज रही। सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई, जबकि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की खबरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राजधानी में इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी स्थिति सामान्य नहीं दिखी।

उधर संसद के भीतर और बाहर भी इसी मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज (Paper Leak) हो गई। एक तरफ सरकार ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का भरोसा दोहराया तो दूसरी ओर विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए संदेश और कई नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस पूरे विवाद को और चर्चा में ला दिया।

जंतर मंतर पर हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर टकराव हुआ। पुलिस के अनुसार टॉलस्टॉय मार्ग के पास तैनात पुलिस और आरएएफ की टीम पर पहले पथराव किया गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में दो एसीपी, दो इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत और जय प्रकाश भी शामिल बताए गए हैं। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की पहचान की जा रही है।

सरकार ने संसद में चर्चा का दिया प्रस्ताव (Paper Leak)

आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष से एक बार फिर पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि विपक्ष जिस दिन और जितनी अवधि तक चाहे, उस पर चर्चा की जा सकती है। साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए व्यवस्था मजबूत की जा रही है और विपक्ष के उपयोगी सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।

विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर कायम

सरकार के प्रस्ताव के बावजूद विपक्ष ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया है। विपक्ष का कहना है कि चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए। संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस विषय पर चर्चा का आश्वासन (Paper Leak) दिया, लेकिन साथ ही विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह गैर भाजपा शासित राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों का उल्लेख नहीं करता।

सोनम वांगचुक ने दिए अनशन समाप्त करने के संकेत

पेपर लीक के मुद्दे पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने अस्पताल से वीडियो जारी कर कहा कि यदि सरकार छात्रों पर बल प्रयोग रोकने और दर्ज मुकदमे वापस लेने का भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि आंदोलन से जुड़े अन्य संगठनों ने कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा।

प्रधानमंत्री का बड़ा संदेश (Paper Leak)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता (Paper Leak) है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री के बयान के बाद गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उन्होंने छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की भी मांग की।

वहीं तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष ने कहा कि चर्चा तभी होनी चाहिए जब शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। दूसरी ओर डीएमके सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए नीट परीक्षा को समाप्त करने की मांग दोहराई।

जांच और कानूनी कार्रवाई भी तेज

दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर एसीपी विवेक भगत और अन्य पुलिस अधिकारियों पर हमले के मामले में प्राथमिकी (Paper Leak) दर्ज कर ली है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ उपद्रवियों ने आपसी संपर्क के लिए विशेष मोबाइल एप का इस्तेमाल किया था।

इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई (Paper Leak) होनी है, जिसमें संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की एनआईए जांच कराने और संबंधित मामलों की जांच विशेष एजेंसी को सौंपने की मांग की गई है।

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