Dharmendra Pradhan Resignation : नीट विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, कहा – छात्रों का भविष्य सबसे पहले
नीट परीक्षा विवाद को लेकर कई दिनों से जारी राजनीतिक और छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को बड़ा घटनाक्रम (Dharmendra Pradhan Resignation) सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी स्वयं सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि उन्होंने देश के छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने और मौजूदा परिस्थितियों का गलत फायदा उठाने की कोशिशों को रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।
सोशल मीडिया पर खुद दी इस्तीफे की जानकारी Dharmendra Pradhan Resignation
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश की सेवा करने का अवसर मिला, जिसके लिए वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगे।
नीट परीक्षा विवाद का किया जिक्र
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा कराई गई। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराना रही।
कहा, जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटा
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने पहले दिन से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी इससे मुंह नहीं मोड़ा। उनका कहना था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से खराब नहीं होने दिया जाएगा और इसी उद्देश्य से लगातार सुधारात्मक कदम उठाए गए।
आंदोलन और छात्रों का भी किया जिक्र Dharmendra Pradhan Resignation
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से वह व्यक्तिगत (Dharmendra Pradhan Resignation) रूप से आहत हैं। उनका मानना है कि देश की युवा शक्ति को भ्रम और टकराव की राजनीति से दूर रखना जरूरी है। जंतर मंतर सहित देशभर में बने हालात को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंपने का निर्णय लिया ताकि छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की कानूनी या राजनीतिक जटिलताओं में न फंसे।
विरोध के बीच आया फैसला
नीट पेपर लीक मामले को लेकर कई दिनों से छात्र संगठनों और सीजेपी की ओर से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग (Dharmendra Pradhan Resignation) की जा रही थी। विपक्ष भी लगातार इस मुद्दे को संसद और सड़कों पर उठा रहा था। ऐसे माहौल के बीच उनका इस्तीफा देश की राजनीति का बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।



