संपादकीय

International Conspiracy Exposed: संपादकीय: अंतर्राष्ट्रीय साजिश हुई बेनकाब

भारत में अराजकता फैलाने की साजिश आखिरकार बेनकाब हो गई। (International Conspiracy Exposed) कॉकरोच जनता पार्टी और टुकड़े टुकड़े गैंग के लोग आंदोलन के नाम पर देश को अस्थिर करने की जो नाकाम कोशिश कर रहे हैं, उसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। ऐसी आशंका भाजपा के जिम्मेदार नेता पहले ही व्यक्त करते रहे हैं, लेकिन अब खुद आंदोलनजीवियों ने अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा कर दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली और कांग्रेस के नेतृत्व में इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च का अहम हिस्सा बन चुकी वामपंथी छात्र संगठन की चर्चित नेहा बोरा के दिल की बात उनकी जुबान पर आ गई, जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बांग्लादेश में शेख हसीना की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करने वाले अराजक तत्वों के संगठन की प्रशंसा के पुल बाँधते हुए यह कहा कि वे हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। उनके इस बयान पर जमकर बवाल मचा और राष्ट्रवादी पत्रकारों ने उन पर सवालों की बौछार कर दी कि क्या वे भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहती हैं।

वहाँ उपस्थित अन्य लोगों ने भी नेहा बोरा और अभिजीत दीपके के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नतीजतन, उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर भागना पड़ा। कॉकरोचों (International Conspiracy Exposed) के हिमायती बने प्रशांत भूषण ने भी बयान दिया है कि देश में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा और इसके लिए लोगों को सड़कों पर उतरना होगा और खून बहाना होगा। इसके पूर्व आम आदमी पार्टी के संस्थापक और नई दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी भारत में नेपाल और बांग्लादेश की तरह क्रांति का आह्वान कर चुके हैं। जाहिर है, चुनाव आयोग द्वारा कराए जाने वाला एफआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग तो महज एक बहाना है।

इन तिलचट्टों और टुकड़े टुकड़े गैंग का असली मकसद देश में अराजकता फैलाना तथा भारत में भी नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात बनाना है। विदेशी फंडिंग से देश का माहौल बिगाडऩे वाले यह भूल गए हैं कि यह महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर का भारत है, जहाँ हिंसक आंदोलन के लिए कोई जगह नहीं है। (International Conspiracy Exposed) देशद्रोही यूट्यूबर धु्रव राठी ने तो पुलिस और भारतीय सेना के जवानों से भी अपील की है कि वे मौजूदा सरकार के विरोध में सामने आएँ। उसके खिलाफ तो देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और अन्य अराजक तत्वों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि ये लातों के भूत हैं, जो बातों से नहीं मानने वाले हैं।

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