मुख्यमंत्री साय बोले- नारी शक्ति का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सरकार की प्राथमिकता

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के विकास का आधार है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिलाएं परिवार की खुशहाली के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके अलावा वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना के साथ नारी सम्मान, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना से साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार की प्रेरणा मिलती है। गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है। गुजरात से शुरू हुई यह परंपरा आज पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाती है और सांस्कृतिक विविधता में एकता का संदेश देती है।
महतारी वंदन से महिलाओं का बढ़ा आत्मविश्वास
साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। यह राशि महिलाओं की दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और बचत में सहायक बन रही है। योजना ने महिलाओं के आत्मविश्वास और परिवार में निर्णय लेने की उनकी स्वतंत्रता को मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने के साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। सरकार महिलाओं को कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे देवी शक्तिपीठ प्रदेश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। नवरात्रि के दौरान इन शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। गांवों और शहरों में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होते हैं और पूरा प्रदेश माता की भक्ति में सराबोर रहता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के साथ संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के साथ उन्हें पर्यटन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साय ने कहा कि गरबा और नवरात्रि जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे और छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि तथा विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल और जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




