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India Edible Oil Import News : खाद्य तेल आयात बिल 1.75 लाख करोड़ पहुंचने का अनुमान

नई दिल्ली। देश का खाद्य तेल आयात लगातार बढ़ने से विदेशी मुद्रा पर दबाव भी बढ़ता (India Edible Oil Import News) जा रहा है। उद्योग संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने अनुमान जताया है कि चालू विपणन वर्ष में भारत का खाद्य तेल आयात बिल 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। खाद्य तेल आयात (India Edible Oil Import News) में लगातार हो रही वृद्धि और रुपये की कमजोरी को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है।

एसईए के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने सदस्यों को लिखे पत्र में बढ़ते आयात खर्च पर चिंता जताते हुए कहा कि देश अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए “तिलहन क्रांति” को और टालना संभव नहीं है। उनका कहना है कि आयात पर बढ़ती निर्भरता से विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा बाहर जा रहा है।

आठ महीनों में 103.88 लाख टन पहुंचा आयात (India Edible Oil Import News)

एसईए के अनुसार नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच भारत का खाद्य तेल आयात 7 प्रतिशत बढ़कर 103.88 लाख टन हो गया। पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में यह 97.29 लाख टन था। देश में खाद्य तेल का विपणन वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक माना जाता है।

मौजूदा तेल वर्ष के पहले आठ महीनों में खाद्य तेल आयात पर 1.19 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह खर्च करीब 99 हजार करोड़ रुपये था। आयात खर्च (India Edible Oil Import News) में आई यह बढ़ोतरी सरकार और उद्योग दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

रुपये की कमजोरी से बढ़ा आयात का बोझ

एसईए अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने कहा कि रुपये की कीमत में गिरावट के कारण खाद्य तेल आयात और महंगा हो गया है। इसके कारण आयात बिल में और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो चालू विपणन वर्ष के अंत तक खाद्य तेल आयात बिल 1.75 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है। इससे देश की विदेशी मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर दिया जोर

संजीव अस्थाना का कहना है कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि विदेशों से खाद्य तेल खरीदने पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग देश के कृषि बुनियादी ढांचे और किसानों को मजबूत करने में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। तिलहन उत्पादन (India Edible Oil Import News) बढ़ने से आयात पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

विदेशी मुद्रा पर बढ़ रहा दबाव India Edible Oil Import News

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य तेल आयात में लगातार बढ़ोतरी का असर देश के व्यापार संतुलन पर भी पड़ रहा है। यदि घरेलू उत्पादन नहीं बढ़ा तो आने वाले वर्षों में आयात बिल और बढ़ सकता है। खाद्य तेल बाजार (India Edible Oil Import News) को लेकर उद्योग जगत ने सरकार से तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने की मांग की है।

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