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Gupt Navratri : गुप्त नवरात्रि की शुरुआत के साथ क्यों बढ़ जाती है इन नियमों की अहमियत, जानिए किन कामों से बचने की दी जाती है सलाह

आज से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ (Gupt Navratri) हो गया है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व देवी साधना, आध्यात्मिक उन्नति और मां दुर्गा की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु व्रत, पूजा और मंत्र जाप का संकल्प लेते हैं तथा धार्मिक नियमों का पालन करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में की जाने वाली साधना को जितना गोपनीय रखा जाए, उसका फल उतना ही शुभ माना जाता है। इसी कारण इन नौ दिनों में कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती है।

दस महाविद्याओं की होती है पूजा Gupt Navratri

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के दस महाविद्याओं की आराधना की जाती है। इनमें मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और देवी कमला शामिल हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आषाढ़ और माघ माह में आने वाली गुप्त नवरात्रि साधना और विशेष पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

बाल और नाखून काटने से बचें

धार्मिक मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इन नौ दिनों में ऐसे कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

ब्रह्मचर्य और पवित्रता का रखें ध्यान

गुप्त नवरात्रि में शारीरिक और मानसिक पवित्रता बनाए रखने पर विशेष जोर (Gupt Navratri) दिया जाता है। कई श्रद्धालु इस अवधि में ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करते हैं और संयमित जीवनशैली अपनाते हैं।

सात्विक भोजन को दें प्राथमिकता

इन नौ दिनों में सात्विक भोजन करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसी तामसिक वस्तुओं से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है।

साधना और संकल्प को रखें गोपनीय

गुप्त नवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण मान्यताओं में से एक यह है कि पूजा, मंत्र जाप और साधना का अधिक प्रचार (Gupt Navratri) नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि अपनी साधना और संकल्प को गोपनीय रखने से उसका आध्यात्मिक महत्व और फल बढ़ता है।

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