Fruit Sugar : फलों की मिठास और चीनी में क्या सचमुच होता है फर्क, डॉक्टर ने बताया कौन है शरीर के लिए बेहतर
मीठा खाने को लेकर अक्सर लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि जब फल और मिठाइयों दोनों में शुगर (Fruit Sugar) होती है, तो फिर डॉक्टर फल खाने की सलाह क्यों देते हैं और चीनी से बनी चीजों से दूरी बनाने को क्यों कहते हैं। यह सवाल खासकर डायबिटीज और फिटनेस को लेकर जागरूक लोगों के बीच सबसे ज्यादा पूछा जाता है।
एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने इस भ्रम को दूर करते हुए बताया है कि असली फर्क केवल शुगर में नहीं, बल्कि उसके साथ मौजूद पोषक तत्वों में होता है। यही वजह है कि शरीर फल और प्रोसेस्ड चीनी को अलग अलग तरीके से पचाता है।
क्या दोनों तरह की शुगर एक जैसी होती हैं Fruit Sugar
हार्ट सर्जन डॉक्टर जेरेमी लंदन के अनुसार, रासायनिक रूप से फलों में मौजूद शुगर और सामान्य चीनी में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। यदि केवल शुगर के अणुओं को अलग करके देखा जाए तो शरीर उन्हें लगभग एक ही तरह से पहचानता है। हालांकि उन्होंने कहा कि असली अंतर इस बात से पड़ता है कि शुगर के साथ शरीर को और क्या मिल रहा है।
फल शरीर के लिए क्यों माने जाते हैं बेहतर
डॉक्टर के मुताबिक साबुत फलों में शुगर के साथ फाइबर, पानी, एंटीऑक्सीडेंट, पॉलीफेनॉल और कई जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व भी होते हैं। ये सभी मिलकर पाचन प्रक्रिया को धीमा करते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। इसी कारण फल खाने के बाद शरीर में शुगर का असर मिठाइयों या मीठे पेय पदार्थों की तुलना में अलग होता है।
मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड में क्या दिक्कत है
प्रोसेस्ड मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक और मीठे स्नैक्स में आमतौर पर फाइबर और अन्य पोषक तत्व नहीं होते। ऐसे खाद्य पदार्थों में मौजूद शुगर तेजी से शरीर (Fruit Sugar) में पहुंचती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है और लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
जूस और सूखे मेवों को लेकर भी दी सलाह
डॉक्टर जेरेमी लंदन ने कहा कि साबुत फल सबसे बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने बताया कि फलों का जूस बनाने के दौरान अधिकांश फाइबर निकल जाता है, जिससे वह एक मीठे पेय की तरह असर कर सकता है। वहीं सूखे फलों में फाइबर तो रहता है, लेकिन पानी काफी कम हो जाता है। इससे उनमें शुगर की मात्रा सघन हो जाती है और लोग कम समय में ज्यादा मात्रा खा लेते हैं।
छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए क्या है सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में आम, केला, अमरूद, पपीता, जामुन और मौसमी जैसे स्थानीय फल आसानी (Fruit Sugar) से उपलब्ध हैं। रोजाना संतुलित मात्रा में साबुत फल खाना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। वहीं अतिरिक्त चीनी, मिठाइयों और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर रहता है, खासकर मधुमेह या मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए।



