छत्तीसगढ़

Teejan Bai Chhattisgarh Assembly : पंडवानी की अमर आवाज को सदन ने किया याद, भावुक माहौल में गूंजे श्रद्धांजलि के शब्द

रायपुर में विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन शुरू होते ही माहौल सामान्य (Teejan Bai Chhattisgarh Assembly) नहीं था। सदन के भीतर और बाहर एक ही नाम की चर्चा सुनाई दे रही थी। जनप्रतिनिधियों के चेहरों पर गंभीरता साफ दिखाई दे रही थी और लोककला से जुड़े लोगों के बीच भी गहरी भावनाएं देखने को मिलीं। जैसे ही कार्यवाही आगे बढ़ी, पूरे सदन ने एक स्वर में पंडवानी की महान हस्ती को याद किया।

सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने मौन और सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। कई विधायकों ने उनके जीवन, संघर्ष और कला यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। पूरे वातावरण में सम्मान और संवेदना का भाव साफ महसूस किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया सांस्कृतिक पहचान Teejan Bai Chhattisgarh Assembly

मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई पहचान दिलाई। अपनी असाधारण कला और प्रस्तुति के दम पर उन्होंने लोककला को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई मंचों तक पहुंचाया। उनके गायन, अभिनय, प्रभावशाली संवाद और पात्रों के सजीव चित्रण ने दर्शकों पर हमेशा गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का उदाहरण रहा। जिस समय महिलाओं की भागीदारी इस लोककला में बहुत कम थी, उस दौर में उन्होंने सामाजिक बंधनों को तोड़कर अपनी अलग जगह बनाई। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल रत्न खो दिया है और कला जगत को ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

नेताओं ने साझा की अपनी श्रद्धांजलि

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि सदन में यह पहला अवसर है जब पद्म सम्मान से सम्मानित किसी विभूति पर इस तरह चर्चा हो रही है। उन्होंने अपने विधायक दल की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना सभी के लिए अपूरणीय क्षति है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ का नाम विश्व स्तर पर स्थापित किया और प्रदेश की लोकसंस्कृति को नई पहचान (Teejan Bai Chhattisgarh Assembly) दिलाई। उन्होंने अपने मंत्रालय की ओर से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पूर्व मुख्यमंत्री और संसदीय कार्यमंत्री ने किया याद

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ऐसे परिवार से आईं जहां शिक्षा के अवसर बेहद सीमित थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ाया। उनका जीवन और कर्म आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करता रहेगा।

संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि उनका जीवन कठिन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने पंडवानी गायन के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया। उनका निधन लोककला की दुनिया के लिए बड़ी क्षति है।

कई विधायकों ने भी रखे विचार

मंत्री गजेंद्र यादव सहित विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, अनिला भेड़िया, कुँवर सिंह निषाद और भईया लाल कोरसेवाड़ा ने भी सदन में अपने विचार रखते हुए डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी। सभी सदस्यों ने उनके योगदान (Teejan Bai Chhattisgarh Assembly) को याद किया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

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