छत्तीसगढ़

EV Charging : छत्तीसगढ़ के शहरों में बनेंगे 30 नए चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ के शहरी इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर नई हलचल दिखाई (EV Charging) देने लगी है। लगातार बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के बीच लोगों की सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग सुविधा को लेकर रही है। अब सरकार की नई पहल के बाद शहरों में रहने वाले वाहन चालकों के बीच उत्साह का माहौल है और इस योजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

नगरीय निकायों को जगहों की जानकारी जुटाने के निर्देश मिलने के बाद कई शहरों में संभावित स्थलों को लेकर कवायद शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यह पहल आने वाले समय में प्रदेश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है।

पीएम ई ड्राइव योजना के तहत होगी स्थापना : EV Charging

केंद्र सरकार की पीएम ई ड्राइव योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों से उपयुक्त भूमि की जानकारी मांगी है। स्थानों की सूची मिलने के बाद विभागीय स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद चयनित स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

25 से 30 स्थानों पर बनेगा नेटवर्क

प्रारंभिक योजना के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगभग 25 से 30 प्रमुख स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन या चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो, बिजली कनेक्शन आसानी से मिल सके और आम लोगों की पहुंच सुगम हो।

सार्वजनिक स्थानों को मिलेगी प्राथमिकता

चार्जिंग स्टेशन के लिए बस स्टैंड, मुख्य बाजार, अस्पताल परिसर, बड़े पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थलों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। जमीन संबंधी विवादों से बचने के लिए पहले चरण में सरकारी या नगरीय निकायों की स्वामित्व वाली जमीनों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक स्थल के लिए कम से कम 800 वर्गफुट भूमि आवश्यक रखी गई है।

उच्च क्षमता वाले होंगे स्टेशन

योजना के तहत स्थापित किए जाने वाले प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन की न्यूनतम क्षमता 144 किलोवाट निर्धारित (EV Charging) की गई है। इससे एक साथ कई वाहनों को तेज गति से चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर चार्जिंग सुविधा मिलने से इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र सरकार देगी आर्थिक सहायता

इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। चार्जिंग स्टेशन के लिए आवश्यक बिजली ढांचे की लागत का 80 प्रतिशत तक और उपकरणों की लागत का 70 प्रतिशत तक सहयोग प्रदान किया जाएगा। शेष राशि की व्यवस्था संबंधित नगरीय निकायों द्वारा स्थानीय स्तर पर की जाएगी।

ई मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का कहना है कि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से लोगों का भरोसा इलेक्ट्रिक वाहनों पर और मजबूत (EV Charging) होगा। वर्तमान में चार्जिंग सुविधाओं की कमी को सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है। योजना के अमल में आने के बाद रायपुर, दुर्ग भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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