देशराजनीति

DMK Delimitation : परिसीमन विधेयक पर क्या होगी डीएमके की रणनीति, स्टालिन ने बैठक में सांसदों को दिए अहम निर्देश

संसद के मानसून सत्र से पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने अपनी रणनीति तय करने के लिए अहम (DMK Delimitation) बैठक की। विदेश दौरे पर मौजूद पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सांसदों से चर्चा की। बैठक में कई राजनीतिक और राज्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार हुआ।

बैठक के बाद साफ संकेत मिले कि डीएमके आगामी मानसून सत्र में तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। परिसीमन विधेयक, कावेरी जल विवाद और राज्य के अधिकारों जैसे विषयों पर पार्टी का रुख भी स्पष्ट किया गया।

परिसीमन विधेयक पर क्या फैसला हुआ DMK Delimitation

पार्टी सूत्रों के अनुसार डीएमके ने मौजूदा स्वरूप में आबादी आधारित परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रखने का फैसला किया है। बैठक में कहा गया कि पार्टी नए विधेयक का इंतजार करेगी और उसमें शामिल प्रावधानों तथा सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद आगे की रणनीति तय करेगी।

मेकेदाटु बांध का फिर किया विरोध

बैठक में पारित प्रस्ताव में कर्नाटक सरकार पर कावेरी नदी के जल बंटवारे में तमिलनाडु के हिस्से को लेकर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया। डीएमके ने मेकेदाटु बांध परियोजना का विरोध दोहराते हुए केंद्र सरकार से इस विवाद के समाधान के लिए न्यायाधिकरण गठित करने की मांग की।

संसद में उठाए जाएंगे राज्य के अधिकारों के मुद्दे DMK Delimitation

डीएमके ने कहा कि उसके सांसद संसद के दोनों सदनों में तमिलनाडु के अधिकार, संघीय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाएंगे। बैठक के बाद एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया पर कहा कि पार्टी का हर सांसद तमिलनाडु की जनता की आवाज बनकर काम करेगा और केंद्र के हर विधेयक का मूल्यांकन राज्य के अधिकारों और संविधान के नजरिए से किया जाएगा।

कांग्रेस को लेकर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान कांग्रेस के साथ राजनीतिक संबंधों पर भी चर्चा (DMK Delimitation) हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार स्टालिन ने सांसदों से कांग्रेस से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेद बढ़ चुके हैं और सांसदों को पार्टी की तय रणनीति के अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए।

Related Articles

Back to top button