Conversion Case : गांव में धार्मिक गतिविधियों को लेकर बढ़ा विवाद, शिकायत के बाद दो लोगों पर दर्ज हुआ मामला
रायपुर ग्रामीण के एक गांव में धार्मिक गतिविधियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच (Conversion Case) गया है। आदिवासी मोहल्ले के लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार समझाइश देने के बावजूद संबंधित लोग गांव में पहुंचकर धार्मिक सभाएं आयोजित करते रहे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोशिश की गई।
शिकायत के बाद दो लोगों पर अपराध दर्ज Conversion Case
खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी ने अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके के साथ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसके सहयोगी पीयूष पटेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपित पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ रहे थे और ग्रामीणों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस दौरान हिंदू देवी देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जाती थीं। ग्रामीणों के अनुसार इन गतिविधियों का कई बार विरोध किया गया और आरोपितों को गांव में इस प्रकार की धार्मिक गतिविधियां नहीं करने की समझाइश भी दी गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि वे लोगों को ईसा मसीह को मानने, प्रार्थना सभा में शामिल होने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे।
फिर पहुंचे गांव, बढ़ा विवाद
शिकायत के अनुसार 24 जून की शाम दोनों आरोपित एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। वहां लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए (Conversion Case) कहा गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद की स्थिति बन गई और पुलिस को सूचना दी गई।
प्रार्थना कार्यक्रम का भी किया गया उल्लेख
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसी दिन मोहल्ले के निवासी लोकेश नेताम के घर पर ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में लगातार ऐसी गतिविधियां होने से सामाजिक और धार्मिक तनाव की स्थिति बन रही थी। पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



