छत्तीसगढ़

Conocarpus Ban : छत्तीसगढ़ में कोनोकार्पस के नए पौधरोपण पर तत्काल रोक, सरकार ने जारी की अधिसूचना

छत्तीसगढ़ में कोनोकार्पस (Conocarpus Ban) प्रजाति के नए पौधरोपण पर राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आवास एवं पर्यावरण विभाग (Housing and Environment Department) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य में अब कोई भी व्यक्ति, शासकीय विभाग, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम या अन्य संस्था कोनोकार्पस के नए पौधे नहीं लगाएगी और न ही लगवाएगी। यह आदेश 7 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया गया फैसला Conocarpus Ban

राज्य सरकार ने यह निर्णय पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-5 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है। सरकार के अनुसार कोनोकार्पस एक आक्रामक विदेशी प्रजाति (Invasive Species) है, जिससे स्थानीय जैव विविधता, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र, भू-जल संसाधनों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

केंद्रीय समिति की सिफारिश पर कार्रवाई

सरकार ने बताया कि यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित केंद्रीय सशक्त समिति (Central Empowered Committee) की 21 अगस्त 2025 की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। समिति ने कोनोकार्पस के नए पौधरोपण, प्रचार-प्रसार और विक्रय पर रोक लगाने तथा पहले से लगे पौधों को चरणबद्ध तरीके से स्थानीय देशी प्रजातियों (Native Species) से प्रतिस्थापित करने की अनुशंसा की थी।

सभी विभागों और संस्थाओं पर लागू होगा आदेश

अधिसूचना के अनुसार राज्य की भौगोलिक सीमा में कोई भी शासकीय विभाग, अर्द्धशासकीय संस्था, स्वायत्त निकाय, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम या निजी संस्था कोनोकार्पस का नया पौधरोपण नहीं करेगी। इस आदेश का पालन सभी संबंधित एजेंसियों के लिए अनिवार्य होगा।

देशी प्रजातियों को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना, स्थानीय पौधों की प्रजातियों को बढ़ावा देना, जैव विविधता का संरक्षण करना और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है। सरकार भविष्य में चरणबद्ध तरीके से देशी प्रजातियों के पौधरोपण को प्रोत्साहित करेगी।

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