छत्तीसगढ़

Balod Road Protest : 10 महीने से सड़क नहीं बनी तो कीचड़ में उतरे ग्रामीण, बीच रास्ते में रोपे धान

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब विरोध प्रदर्शन में बदल (Balod Road Protest) गया है। डौंडी विकासखंड के ग्राम भैसबोड़ में ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। कीचड़ से भरी सड़क पर ही धान की रोपाई कर ग्रामीणों ने अपना विरोध जताया और कहा कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है तो यहां धान ही उगाना पड़ेगा।

बारिश में दलदल बनी सड़क, 10 महीने से काम अधूरा

ग्रामीणों के अनुसार, गांव की करीब 200 मीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए करीब 10 महीने पहले प्रक्रिया (Balod Road Protest) पूरी की गई थी। टेंडर जारी होने के बाद भी अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। बारिश शुरू होते ही यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को मजबूरी में इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।

स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी (Balod Road Protest) पड़ रही है। बच्चे कपड़े और जूते खराब होने के डर के बीच स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं, किसी मरीज को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन भी फिसल रहे हैं। कई ग्रामीणों के गिरकर घायल होने की बात भी सामने आई है।

ठेकेदार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल Balod Road Protest

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की जिम्मेदारी कृषि उपज मंडी विभाग की है। निर्माण में देरी को लेकर विभाग की ओर से ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर 10 महीने बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण क्यों नहीं कराया गया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

कीचड़ में धान रोपकर प्रशासन को दिया संदेश

सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क अब चलने लायक नहीं बची है, इसलिए इसे खेत बनाकर धान (Balod Road Protest) लगाना ही बेहतर है। इस प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने मांगी जल्द कार्रवाई

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों की असली तस्वीर बारिश में सामने आ जाती है। भैसबोड़ गांव की सड़क इसका उदाहरण है, जहां लोग आज भी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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