छत्तीसगढ़

AI Scam : AI सुंदरियों के नाम पर फैले जाल में अब कसता शिकंजा, जांच में दो युवतियों पर बढ़ा शक

कानपुर में चर्चाओं का दौर अभी भी थमा नहीं है। शादी का भरोसा देकर लोगों से रकम ऐंठने वाले गिरोह की परतें जैसे जैसे खुल (AI Scam) रही हैं, वैसे वैसे नए नाम भी जांच के दायरे में आते दिखाई दे रहे हैं। जांच एजेंसियों की लगातार पूछताछ के बाद अब इस मामले में कुछ टेलीकालरों की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जिन लोगों ने खुद को ठगी का शिकार बताया है, उनके बीच इस कार्रवाई को लेकर उम्मीद भी है और उत्सुकता भी। जांच टीम लगातार बयान जुटा रही है और कई कड़ियों को जोड़ने में लगी है। इसी दौरान दो युवतियों की भूमिका को लेकर जांच और तेज कर दी गई है, जबकि फरार आरोपितों की तलाश भी लगातार जारी है।

पांच टेलीकालरों के दर्ज हुए बयान AI Scam

मैरिज ब्यूरो के नाम पर चल रहे काल सेंटर की आड़ में एआइ सुंदरियों का सहारा लेकर करीब दो हजार लोगों से पांच करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में साइबर टीम अब तक पांच टेलीकालरों के बयान दर्ज कर चुकी है। मुकदमे में शामिल तीन अन्य टेलीकालरों के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं।

दो युवतियां बन सकती हैं आरोपित

शुरुआती जांच में साइबर टीम को दो टेलीकालरों की भूमिका अधिक संदिग्ध मिली है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों को इस मामले में आरोपित बनाया जा सकता है। वहीं एक अन्य टेलीकालर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और उसकी अलग से जांच की जा रही है।

तीन फरार आरोपित अब भी पकड़ से दूर

जांच एजेंसी गिरोह के मास्टर माइंड, उसके एक साथी और जेल जा चुके आरोपित के संपर्क में रहने वाली महिला की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि अब तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल सका है और उनकी तलाश जारी है।

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

बाराबंकी जिले के रामनगर सेमराय थाना क्षेत्र के सैदनपुर गांव निवासी चंद्रेश ने 15 जून को प्रीति, पूर्वी और राधिका के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज (AI Scam) कराई थी। आरोप है कि शादी कराने का भरोसा देकर दो वर्षों के दौरान उनसे चार लाख रुपये ठग लिए गए।

जांच में सामने आया कि मैरिज ब्यूरो की प्रभारी राधिका के अलावा दुल्हन पूर्वी और उसकी मां प्रीति बनकर बातचीत की जाती थी। इसी तरीके से भरोसा जीतकर लोगों से लगातार रकम ली जाती रही।

काल सेंटर पर छापे में हुई थी गिरफ्तारी

मामले की जांच के दौरान साइबर टीम ने बर्रा के दो और वाई 1 ब्लाक के एक काल सेंटर में छापा मारा था। कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के दुर्ग भिलाई 1 निवासी रंजीश कुमार गौड़ को गिरफ्तार (AI Scam) किया गया। जांच में सामने आया कि वह तीनों काल सेंटरों की निगरानी करता था।

पूछताछ के दौरान 23 टेलीकालरों से जानकारी ली गई थी। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

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