PoK Protest : 1 ओर बरसते बादल, दूसरी ओर उबलता गुस्सा… क्या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की आवाज के आगे झुकेंगे मुनीर
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में इन दिनों माहौल बेहद तनावपूर्ण बना (PoK Protest) हुआ है। रावलकोट की सड़कों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। तेज बारिश और गरजते बादलों के बीच भी प्रदर्शनकारियों के कदम नहीं रुके। हर तरफ एक ही चर्चा है कि क्या इस बार इस्लामाबाद सरकार लोगों की मांगें सुनेगी या फिर टकराव और बढ़ेगा।
मौके पर मौजूद लोगों के बीच बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने सरकार को तय समय तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। अब समय सीमा खत्म होने के साथ ही आंदोलन के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
आज का दिन क्यों माना जा रहा अहम PoK Protest
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे आंदोलन के लिए 21 जुलाई बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने इसी दिन तक इस्लामाबाद सरकार से मांगों पर फैसला लेने को कहा था। संगठन का कहना है कि यदि कोई ठोस घोषणा नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
रावलकोट में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी (PoK Protest) मुजफ्फराबाद की ओर मार्च की तैयारी कर चुके हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।

जून से लगातार जारी है आंदोलन PoK Protest
यह विरोध प्रदर्शन (PoK Protest) जून की शुरुआत से लगातार जारी है। इस दौरान धरना प्रदर्शन के साथ कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन, बाजार और कारोबारी गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के बीच टकराव हुआ। इन झड़पों में 30 से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है, जिनमें सुरक्षा बलों के कुछ जवान भी शामिल बताए गए हैं। 14 जुलाई को हुई हिंसा में कम से कम नौ लोगों की जान चली गई थी।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई चिंता PoK Protest
लगातार बढ़ती हिंसा के बाद संयुक्त राष्ट्र ने भी मामले पर चिंता जताई है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में हुई मौतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस्लामाबाद से नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौत के सभी मामलों की तत्काल, गहन और निष्पक्ष जांच शुरू करने का आग्रह किया है।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
हाल के दिनों में रावलकोट समेत कई इलाकों में बड़ी रैलियां निकाली गईं। शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई और बुनियादी सुविधाओं तक सीमित था, लेकिन अब इसमें राजनीतिक अधिकार और प्रशासनिक सुधार की मांग भी प्रमुख हो गई है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग
| क्रमांक | प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | 12 आरक्षित सीटें समाप्त हों | स्थानीय विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों की व्यवस्था खत्म करने की मांग। |
| 2 | स्थानीय लोगों को अधिक प्रतिनिधित्व | क्षेत्र के लोगों को राजनीतिक फैसलों में ज्यादा भागीदारी और प्रतिनिधित्व दिया जाए। |
| 3 | गिरफ्तार नेताओं की रिहाई | आंदोलन के दौरान गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग। |
| 4 | बिजली और शासन व्यवस्था में सुधार | बिजली संकट, प्रशासनिक व्यवस्था और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। |
| 5 | सुरक्षा व्यवस्था कड़ी | राजधानी इस्लामाबाद समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। |
बढ़ते आंदोलन को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात (PoK Protest) कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार 4000 से अधिक रेंजर्स, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान इलाके में लगाए गए हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अब निगाहें इस्लामाबाद सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।



