प्रदेश के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया के दो चरण पूरे होने के बाद भी 9,242 सीटें खाली हैं। ऐसे में लोक शिक्षण संचालनालय ने आरटीई प्रवेश (RTE Admission 2026) के लिए तीसरे और अंतिम चरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। पात्र अभिभावक 22 जुलाई से 5 अगस्त तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
दो चरणों के बाद भी 9 हजार से ज्यादा सीटें खाली
प्रदेश के 6,858 निजी स्कूलों में 23,124 आरटीई सीटें (RTE Admission 2026) निर्धारित हैं। पहले दो चरणों में 13,882 बच्चों का प्रवेश हो चुका है, जबकि 9,242 सीटें अभी भी रिक्त हैं। चयनित विद्यार्थियों को 17 जुलाई तक प्रवेश लेना था, लेकिन बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने के कारण तीसरा चरण शुरू किया जा रहा है।
22 जुलाई से 5 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार आरटीई प्रवेश (RTE Admission 2026) के तीसरे चरण में शामिल होने के लिए अभिभावक 22 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नोडल प्राचार्य आवेदन पत्रों का सत्यापन करेंगे। 10 से 14 अगस्त के बीच ऑनलाइन लॉटरी और काउंसिलिंग के जरिए चयन सूची जारी होगी। चयनित बच्चों को 17 से 25 अगस्त के बीच संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
रायपुर में सबसे ज्यादा 3,204 सीटें
राजधानी रायपुर के 824 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 3,204 सीटें निर्धारित हैं। इनमें अब तक 2,458 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। वहीं बिलासपुर के 562 स्कूलों की 2,228 सीटों में से 1,398, दुर्ग के 531 स्कूलों की 1,581 सीटों में से 1,042, बलरामपुर के 190 स्कूलों की 1,524 सीटों में से 795 तथा मुंगेली के 226 स्कूलों की 1,011 सीटों में से 699 सीटों पर प्रवेश हुआ है। इन जिलों में अब भी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त हैं।
अभिभावकों ने बताई प्रक्रिया की परेशानी
कुछ अभिभावकों का कहना है कि आरटीई प्रवेश (RTE Admission 2026) के पहले चरण में आवेदन करने के बावजूद बच्चों का चयन नहीं हो सका। वहीं चयनित अभिभावकों को भी स्कूल और नोडल कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़े। दस्तावेज जमा करने के बाद भी प्रक्रिया लंबी होने से कई परिवारों ने दोबारा आवेदन नहीं किया।
देर से प्रवेश पर सिलेबस छूटने की चिंता
अभिभावकों का कहना है कि यदि तीसरे चरण के तहत 25 अगस्त तक प्रवेश होंगे, तब तक स्कूलों में पढ़ाई काफी आगे बढ़ चुकी होगी। ऐसे में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों को सिलेबस पूरा करने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की मांग की है।


