शादी की खुशियां पड़ीं फीकी, कीचड़ में डांस करने लगी कार तो गोद में चढ़ा दूल्हा
दुल्हन को हमेशा याद रहेगी विदाई के बाद ससुराल पहुंचने की कहानी
मनोज शुक्ला
सड़क ने खोल दी विकास और सिस्टम के दावों की पोल
दो विधानसभा के बीच सड़क बनी लोगों के लिए मुसीबत
दुल्हन को हमेशा याद रहेगी विदाई के बाद ससुराल पहुंचने की कहानी
बेमेतरा/नवप्रदेश। शादी के बाद दुल्हन को विदा कर घर लौट रहे एक दूल्हे की पहली यात्रा उस समय यादगार बन गई, जब उसे अपनी कार बीच रास्ते में छोड़कर एक ग्रामीण की गोद में बैठकर कीचड़ पार करना पड़ा।
यह अनोखा दृश्य बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधानसभा के सीमांत गांव कठौतिया से पटुवा होते हुए पंडरिया विधानसभा को जोडऩे वाली जर्जर सड़क पर देखने को मिला। दरअसल, शुक्रवार सुबह छिरहा गांव से दुल्हन को लेकर अपने गांव कोलेगांव लौट रहे दूल्हे की कार कठौतिया के आगे कच्ची सड़क पर कीचड़ में बुरी तरह फंस गई। काफी प्रयास के बाद भी वाहन बाहर नहीं निकल सका। आखिरकार ग्रामीणों ने दूल्हे को गोद में उठाकर कीचड़ पार कराया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें मोबाइल में कैद कर लिया। ग्रामीणों ने हंसी-मजाक में कहा कि दुल्हन जीवनभर अपनी पहली विदाई और दूल्हे की यह ‘गोद वाली सवारीÓ नहीं भूलेगी। वहीं कीचड़ (दलदल) में फंसी कार को ट्रैक्टर से बांधकर बाहर खींचा गया, तब जाकर कार बाहर निकल पायी।
जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान
ग्रामीणों का कहना है कि कठौतिया-पटुवा मार्ग वर्षों से कच्चा और बदहाल है। बारिश के दिनों में यह सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती है, जिससे आवागमन ठप हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार वे इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर तीन बार बेमेतरा कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि नवागढ़ और पंडरिया विधानसभा की सीमा पर स्थित होने के कारण यह सड़क जिम्मेदारों की प्राथमिकता से बाहर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि समय रहते गंभीरता दिखाते, तो आज लोगों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। फिलहाल क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था और विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
विकास के दावों की खुली पोल
नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से सामने आई अन्य तस्वीरें भी विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्राम संबलपुर में समरसता भवन और स्कूल के आसपास जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में डर लगता है। वहीं, शासकीय अस्पताल परिसर में जर्जर भवन व अव्यवस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। स्थानीय सुभाष सोनी का कहना है कि कभी यह अस्पताल 1,500 नसबंदी ऑपरेशन कर रिकॉर्ड बना चुका है, लेकिन आज यहां की हालत देखकर लगता है कि विकास की ही नसबंदी हो गई है।
पगडंडी जैसी हो गई पीएम सड़क
नवागढ़ से बाघुल होकर कुरदा जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क भी बारिश में पगडंडी जैसी हो गई है। कीचड़ के कारण विद्यार्थियों को अपनी साइकिलें पिकअप वाहन में लादकर घर ले जानी पड़ रही हैं। जिला पंचायत सदस्य बाल कुमारी ध्रुव ने सड़क की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि प्रशासन जनसुविधाओं को लेकर गंभीर होता तो बच्चों को ऐसी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कों और पिछले दो वर्षों में हुए निर्माण कार्यों की जांच की मांग उठाई।



