Women’s T20 World Cup : सेमीफाइनल की उम्मीदें बचानी हैं तो जीत जरूरी, अब ऑस्ट्रेलिया से होगी सबसे बड़ी परीक्षा
महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती (Women’s T20 World Cup) खड़ी है। लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अंतिम लीग मुकाबला टीम के लिए करो या मरो की स्थिति बन चुका है। इस मुकाबले पर सिर्फ खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम 28 जून को लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में यह मुकाबला जीतना होगा। जीत भारत के लिए सबसे आसान रास्ता है, जबकि हार की स्थिति में दूसरे मैचों के नतीजों और नेट रन रेट पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
दोनों टीमों के बीच कैसा है रिकॉर्ड Women’s T20 World Cup
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 38 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम को केवल 9 मैचों में जीत मिली है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 27 मुकाबले अपने नाम किए हैं। एक मैच टाई रहा और एक मुकाबले का कोई परिणाम नहीं निकला।
ये आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। ऐसे में भारत को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
विश्व कप में अब तक ऐसा रहा सफर
भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में अब तक चार मुकाबले खेले हैं, जिनमें तीन में जीत और एक में हार मिली है। टीम ने ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। अब अंतिम लीग मुकाबला टीम के लिए सबसे अहम बन गया है।
किन खिलाड़ियों पर होगी नजर
ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी। मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्ज को जिम्मेदारी संभालनी होगी।
वहीं गेंदबाजी में स्पिन आक्रमण से बड़ी उम्मीदें (Women’s T20 World Cup) रहेंगी। साथ ही टीम को अपनी फील्डिंग में भी सुधार करना होगा, क्योंकि टूर्नामेंट में अब तक कई अहम कैच छूट चुके हैं, जिसने दबाव बढ़ाया है।
सेमीफाइनल जैसा होगा मुकाबला
टूर्नामेंट के मौजूदा समीकरण के अनुसार यह मुकाबला भारत के लिए किसी नॉकआउट मैच से कम नहीं माना जा रहा है। जीत मिलने पर सेमीफाइनल की राह लगभग साफ हो जाएगी, जबकि हार टीम की मुश्किलें बढ़ा सकती है। ऐसे में भारतीय टीम पूरे दमखम के साथ मैदान पर उतरकर विश्व कप अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।



