Unique ‘Raksha Sutra’ Campaign Sukma: दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचेगा बहनों का स्नेह

रायपुर/नवप्रदेश। सीमाओं और सुरक्षा व्यवस्था की पहली पंक्ति में डटे वीर जवानों (Unique ‘Raksha Sutra’ Campaign Sukma) के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक बेहद संवेदनशील और अनूठी पहल की गई है। रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘रक्षा सूत्र’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस जवानों के लिए विशेष रूप से राखियां भेंट की गईं, जिन्हें जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा।
परिवार से दूर कर्तव्य निभा रहे जवानों के लिए बड़ा संबल
परिवार से कोसों दूर, विषम परिस्थितियों में देश और समाज की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले जवानों के लिए यह पहल खासी भावनात्मक अहमियत रखती है। रक्षाबंधन के अवसर पर जब इन दुर्गम चौकियों और थानों में तैनात जवानों के हाथों में बहनों का भेजा हुआ ‘रक्षा सूत्र’ पहुंचेगा, तो उन्हें घर-परिवार की कमी का अहसास कम होगा और उन्हें बहनों के स्नेह, शुभकामनाओं व आशीर्वाद की ऊर्जा मिलेगी। यह पहल जवानों के त्याग, समर्पण और अदम्य साहस के प्रति समाज की ओर से एक भावपूर्ण कृतज्ञता है।
समाज और सुरक्षा बलों के बीच मजबूत हो रहा विश्वास
जिला प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों (Unique ‘Raksha Sutra’ Campaign Sukma) के जवान कठिन से कठिन हालात में भी अपनी जान की परवाह किए बिना हमारे सुरक्षित कल का निर्माण करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन जैसे पर्व पर उनके प्रति आत्मीयता जताना हर नागरिक और प्रशासन का दायित्व है।
- दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच: सुकमा जैसे संवेदनशील और दूरस्थ इलाकों में लंबे समय तक परिजनों से दूर रहकर ड्यूटी करने वाले जवानों को इस अभियान से पर्व का सीधा अहसास होगा।
- विश्वास का प्रतीक: ‘रक्षा सूत्र’ केवल एक धागा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से जवानों के अटूट विश्वास, सम्मान और आत्मीयता का जीवंत संदेश है।
- इस संवेदनशील पहल से एक ओर जहां दूर-दराज के इलाकों में तैनात सुरक्षाकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर आम जनता और सुरक्षा बलों के बीच का यह भावनात्मक जुड़ाव समाज में और अधिक सौहार्द स्थापित करेगा।



